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सोराग में मनरेगा के कार्यों में घोटाले की बू
Updated Wed, 05 Sep 2018 12:20 AM IST
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बागेश्वर। कपकोट विकास खंड के ग्राम सोराग में मनरेगा के तहत हुए विकास कार्यों में घोटाले की शिकायत के बाद सीडीओ ने जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में बीडीओ, वीडीओ, कनिष्ठ अभियंता मनरेगा को दंडित करने का आदेश भी दिया है।
ग्राम सोराग में वर्ष 2015-16 में एएनएम सेंटर से सीप फार्म तक सीसी मार्ग निर्माण के लिए पांच लाख की राशि मनरेगा से स्वीकृत की गई थी। साथ ही अनुसूचित जाति बस्ती के पास सुरक्षा दीवार निर्माण के लिए भी दो लाख की राशि स्वीकृत की गई थी। उक्त कार्यों के निर्माण के लिए मनरेगा कर्मचारियों ने 423 बैग सीमेंट जारी किया था। इसी गांव में पांच लाख की लागत से खेल मैदान का भी निर्माण किया गया था जिसमें चार लाख मनरेगा अंश, एक लाख संबंधित विभाग द्वारा खर्च किया जाना था। योजना में भुगतान के बाद भी कई मजदूरों को अभी तक मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है।
मस्टरौल, बिल बाउचर भी बाहरी लोगों के नाम पर बनाए गए हैं। स्थानीय लोगों को इसका लाभ नहीं मिल सका। पूर्व शिक्षक दीवान सिंह दानू ने बताया कि कार्य भी पूूर्ण नहीं है। सीडीओ एसएसएस पांगती ने उक्त मामले को गंभीर बताते हुए लगभग 800 बैग सीमेंट से निर्माण कार्य पूर्ण करने, तत्कालीन बीडीओ, वीडीओ, कनिष्ट अभियंता मनरेगा के विरुद्ध अनियमितता, कार्य में लापरवाही के प्रति दंडित करने का आदेश दिया है। दो सदस्यी समिति को मामले की जांच कर एक सप्ताह के भीतर जांच कर आख्या देने को कहा है।
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ग्राम सोराग में वर्ष 2015-16 में एएनएम सेंटर से सीप फार्म तक सीसी मार्ग निर्माण के लिए पांच लाख की राशि मनरेगा से स्वीकृत की गई थी। साथ ही अनुसूचित जाति बस्ती के पास सुरक्षा दीवार निर्माण के लिए भी दो लाख की राशि स्वीकृत की गई थी। उक्त कार्यों के निर्माण के लिए मनरेगा कर्मचारियों ने 423 बैग सीमेंट जारी किया था। इसी गांव में पांच लाख की लागत से खेल मैदान का भी निर्माण किया गया था जिसमें चार लाख मनरेगा अंश, एक लाख संबंधित विभाग द्वारा खर्च किया जाना था। योजना में भुगतान के बाद भी कई मजदूरों को अभी तक मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है।
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मस्टरौल, बिल बाउचर भी बाहरी लोगों के नाम पर बनाए गए हैं। स्थानीय लोगों को इसका लाभ नहीं मिल सका। पूर्व शिक्षक दीवान सिंह दानू ने बताया कि कार्य भी पूूर्ण नहीं है। सीडीओ एसएसएस पांगती ने उक्त मामले को गंभीर बताते हुए लगभग 800 बैग सीमेंट से निर्माण कार्य पूर्ण करने, तत्कालीन बीडीओ, वीडीओ, कनिष्ट अभियंता मनरेगा के विरुद्ध अनियमितता, कार्य में लापरवाही के प्रति दंडित करने का आदेश दिया है। दो सदस्यी समिति को मामले की जांच कर एक सप्ताह के भीतर जांच कर आख्या देने को कहा है।
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