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कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन पर रोक
Updated Sun, 26 Aug 2018 11:36 PM IST
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बागेश्वर। विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यालय में प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रवासियों को झटका लगा है। प्रशासन ने कलक्ट्रेट परिसर के 100 मीटर दायरे में प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। अब प्रदर्शनकारी यहां किसी तरह की आंदोलनात्मक गतिविधि नहीं कर सकेंगे। कामकाम में व्यवधान आने पर डीएम ने यह सख्त कदम उठाया है।
जिला मुख्यालय में रोजाना ही विभिन्न क्षेत्रों के निवासी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। अक्सर रोज विभिन्न समस्याओं को लेकर लोग कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते हैं और धरने पर बैठ जाते हैं। स्थानीय स्तर पर समस्याओं का निराकरण न होने पर क्षेत्रवासियों को मुख्यालय का रुख करना पड़ता है। इधर, प्रदर्शन आदि गतिविधियों के चलते प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे रोजाना के सामान्य कामकाज में बाधा आ रही है।
इसको देखते हुए प्रशासन ने कलक्ट्रेट परिसर के आसपास प्रदर्शन आदि गतिविधियों पर रोक लगाने का फैसला लिया है। इसके तहत परिसर के 100 मीटर के दायरे में किसी भी आंदोलनात्मक गतिविधि की मनाही की गई है। डीएम के निर्देश पर परिसर में मनाही और चेतावनी के नोटिस भी चस्पा कर कर दिया है। इस मामले में डीएम रंजना राजगुरु का कहना है कि समस्याओं के निराकरण के लिए जनता दरबार लगाया जाता है। तहसील दिवस के साथ ही बहुद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा भी समस्याएं दर्ज कराने के कई माध्यम हैं। वह खुद रोजाना क्षेत्रवासियों से मिलकर समस्याएं सुनती हैं। ऐसे में कलक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन का क्या औचित्य है। डीएम ने प्रतिबंध के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जिला मुख्यालय में रोजाना ही विभिन्न क्षेत्रों के निवासी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। अक्सर रोज विभिन्न समस्याओं को लेकर लोग कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते हैं और धरने पर बैठ जाते हैं। स्थानीय स्तर पर समस्याओं का निराकरण न होने पर क्षेत्रवासियों को मुख्यालय का रुख करना पड़ता है। इधर, प्रदर्शन आदि गतिविधियों के चलते प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे रोजाना के सामान्य कामकाज में बाधा आ रही है।
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इसको देखते हुए प्रशासन ने कलक्ट्रेट परिसर के आसपास प्रदर्शन आदि गतिविधियों पर रोक लगाने का फैसला लिया है। इसके तहत परिसर के 100 मीटर के दायरे में किसी भी आंदोलनात्मक गतिविधि की मनाही की गई है। डीएम के निर्देश पर परिसर में मनाही और चेतावनी के नोटिस भी चस्पा कर कर दिया है। इस मामले में डीएम रंजना राजगुरु का कहना है कि समस्याओं के निराकरण के लिए जनता दरबार लगाया जाता है। तहसील दिवस के साथ ही बहुद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा भी समस्याएं दर्ज कराने के कई माध्यम हैं। वह खुद रोजाना क्षेत्रवासियों से मिलकर समस्याएं सुनती हैं। ऐसे में कलक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन का क्या औचित्य है। डीएम ने प्रतिबंध के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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