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घसियारी प्रतियोगिता में छह गांवों की 200 महिलाओं ने लिया भाग
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गरुड़ क्षेत्र में किर्साण प्रतियोगिता के तहत घास काटतीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। सातवें किर्साण महोत्सव श्रम का सम्मान के दूसरे चरण का आगाज हो गया है। दूसरे चरण के पहले दिन छह गांवों की 200 महिलाओं ने घसियारी प्रतियोगिता में भागीदारी की। छह गांवों में घसियारी प्रतियोगिता का आयोजन कराया जाना है। सभी 12 गांवों की प्रतियोगिता संपन्न होने के बाद फाइनल मुकाबले के लिए प्रत्येक गांव से तीन किर्साणों का चयन किया जाएगा। 36 महिलाओं के लिए नवंबर में किर्साण के खिताब के लिए मुकाबला होगा।
किर्साण महोत्सव का आयोजन हितैषी संस्था द्यौनाई की ओर से कराया जाता है। हर साल आयोजित होने वाले महोत्सव को तीन चरण में संपन्न किया जाता है। इस साल के महोत्सव के दूसरे चरण में घसियारी प्रतियोगिता कराई जा रही है। आयोजन समिति ने दाबू, पय्यां, कुलाऊं, भिलकोट, छटिया और मवई गांव की महिलाओं के बीच घास काटने की प्रतियोगिता कराई।
प्रतियोगिता में सभी गांवों की महिलाओं ने भागीदारी कर अपने घास काटने के कौशल का प्रदर्शन किया। महिलाओं से खेती, पशुपालन, पलायन, घटते जंगल, सूखते जलस्रोतों को लेकर सवाल पूछे गए। स्थानीय संसाधनों के उपयोग से स्वरोजगार हासिल करने को लेकर महिलाओं को प्रेरित भी किया गया।
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आयोजक डॉ. किशन सिंह राणा ने बताया कि प्रतियोगिता के दूसरे चरण में छह गांवों की महिलाओं के बीच प्रतियोगिता कराई जानी शेष है, जिसके बाद फाइनल के लिए किर्साण प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा। फाइनल में पहले से चौथा स्थान प्राप्त करने वालों को प्रतीक चिह्न और नगद राशि देकर सम्मानित किया जाएगा। फाइनल के सभी प्रतिभागियों को भी विशेष उपहार प्रदान किए जाएंगे। प्रतियोगिता संपन्न कराने में रिटायर्ड मेजर नूपुर जोशी, संस्था के अध्यक्ष रतन सिंह किरमोलिया, सामाजिक कार्यकर्ता हरीश किरौला, भूपाल कुंवर आदि ने सहयोग दिया।
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किर्साण महोत्सव का आयोजन हितैषी संस्था द्यौनाई की ओर से कराया जाता है। हर साल आयोजित होने वाले महोत्सव को तीन चरण में संपन्न किया जाता है। इस साल के महोत्सव के दूसरे चरण में घसियारी प्रतियोगिता कराई जा रही है। आयोजन समिति ने दाबू, पय्यां, कुलाऊं, भिलकोट, छटिया और मवई गांव की महिलाओं के बीच घास काटने की प्रतियोगिता कराई।
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प्रतियोगिता में सभी गांवों की महिलाओं ने भागीदारी कर अपने घास काटने के कौशल का प्रदर्शन किया। महिलाओं से खेती, पशुपालन, पलायन, घटते जंगल, सूखते जलस्रोतों को लेकर सवाल पूछे गए। स्थानीय संसाधनों के उपयोग से स्वरोजगार हासिल करने को लेकर महिलाओं को प्रेरित भी किया गया।
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आयोजक डॉ. किशन सिंह राणा ने बताया कि प्रतियोगिता के दूसरे चरण में छह गांवों की महिलाओं के बीच प्रतियोगिता कराई जानी शेष है, जिसके बाद फाइनल के लिए किर्साण प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा। फाइनल में पहले से चौथा स्थान प्राप्त करने वालों को प्रतीक चिह्न और नगद राशि देकर सम्मानित किया जाएगा। फाइनल के सभी प्रतिभागियों को भी विशेष उपहार प्रदान किए जाएंगे। प्रतियोगिता संपन्न कराने में रिटायर्ड मेजर नूपुर जोशी, संस्था के अध्यक्ष रतन सिंह किरमोलिया, सामाजिक कार्यकर्ता हरीश किरौला, भूपाल कुंवर आदि ने सहयोग दिया।