{"_id":"5ad23e864f1c1b330a8b489f","slug":"191523728006-bageshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कपकोट और मुनस्यारी के एसडीएम ने किया रामंगगा का सयुंक्त निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कपकोट और मुनस्यारी के एसडीएम ने किया रामंगगा का सयुंक्त निरीक्षण
Updated Sat, 14 Apr 2018 11:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कपकोट (बागेश्वर)। बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों को जोड़ने वाली पूर्वी राम गंगा नदी में पिछले कुछ सालों में बहकर आए मलबे से नदी के ऊपर बने मोटर पुल को खतरा बना हुआ है। इसके अलावा बरसात में नदी के दोनों ओर बसे गांवों के ऊपर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। दोनों जिलों के जिला प्रशासन के निर्देश पर कपकोट और मुनस्यारी के एसडीएम ने प्रभावित क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया। उनके साथ दोनों जिलों के खान अधिकारी भी मौजूद थे। दो दिन के अंदर दोनों एसडीएम अपने-अपने डीएम को रिपोर्ट सौंपेंगे।
कपकोट के एसडीएम रवींद्र बिष्ट ने बताया कि मलबा सबसे ज्यादा इस जिले की ओर भरा है। प्रथम दृष्टया मलबा बरसात से पहले हटना जरूरी है। निरीक्षण रिपोर्ट पर डीएम को निर्णय लेना है। डीएम के निर्देश पर आगे की कार्यवाई अमल में लाई जाएगी। वहां मुनस्यारी के एसडीएम केएन गोस्वामी और इस जिले के खान अधिकारी रवि नेगी मौजूद थे।
विज्ञापन
कपकोट के एसडीएम रवींद्र बिष्ट ने बताया कि मलबा सबसे ज्यादा इस जिले की ओर भरा है। प्रथम दृष्टया मलबा बरसात से पहले हटना जरूरी है। निरीक्षण रिपोर्ट पर डीएम को निर्णय लेना है। डीएम के निर्देश पर आगे की कार्यवाई अमल में लाई जाएगी। वहां मुनस्यारी के एसडीएम केएन गोस्वामी और इस जिले के खान अधिकारी रवि नेगी मौजूद थे।
विज्ञापन