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निर्माण कार्यों में देरी पर पर्यटन और वन विभाग के अधिकारियों का वेतन रोका
Updated Wed, 21 Feb 2018 10:56 PM IST
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बागेश्वर। जिला योजना, राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित एवं बीस सूत्री कार्यक्रम की समीक्षा बैठक डीएम रंजना राजगुरु ने ली। पर्यटन विभाग और कार्यदायी संस्था वन विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2017-18 में चयनित की गई योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा नहीं करने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
पर्यटन विभाग की समीक्षा के दौरान पर्यटन विभाग द्वारा पैराग्लाडिंग, माउंटेनिंग, रीवर राफ्टिंग, ट्रैकिंग और शौचालय निर्माण साहित विभिन्न योजनाएं पर्यटन विभाग द्वारा समय सीमा के भीतर पूरा नहीं करने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि निर्धारित समयानुसार कार्य पूर्ण न होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ एफआइआर्र दर्ज कार्रवाई जाएगी। डीएम ने अवशेष धनराशि की समीक्षा करते हुए अवशेष धनराशि खर्च नहीं करने वाले विभागों को भी सख्त हिदायत दी।
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उन्होंने आवंटित धनराशि के सापेक्ष व्यय की समीक्षा करते हुए 10 मार्च तक अनिवार्य रूप से धनराशि खर्च करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने विकास कार्यों का सत्यापन कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इस दौरान जल निगम, जल संस्थान, सिंचाई, लघुडाल, लोनिवि बागेश्वर, लोनिवि कपकोट, स्वास्थ्य, वन और पीएमजीएसवाइ कपकोट द्वारा धनराशि कम खर्च करने का मामला सामने आया। इन सभी विभागों के अधिकारियों को 10 मार्च तक आवंटित धनराशि के सापेक्ष पूरी धनराशि खर्च करने के निर्देश दिए। डीएम ने 2018-19 के लिए क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत के माध्यम से प्रस्तावित योजनाओं का चयन कर जिला योजना में प्रस्तावित करने के निर्देश दिए।
बैठक में सीडीओ एसएसएस पांगती, डीडीओ केएन तिवारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी देवेंद्र नाथ गोस्वामी, मुख्य कृषि अधिकारी बीपी मौर्या आदि थे।
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पर्यटन विभाग की समीक्षा के दौरान पर्यटन विभाग द्वारा पैराग्लाडिंग, माउंटेनिंग, रीवर राफ्टिंग, ट्रैकिंग और शौचालय निर्माण साहित विभिन्न योजनाएं पर्यटन विभाग द्वारा समय सीमा के भीतर पूरा नहीं करने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई।
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उन्होंने कहा कि निर्धारित समयानुसार कार्य पूर्ण न होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ एफआइआर्र दर्ज कार्रवाई जाएगी। डीएम ने अवशेष धनराशि की समीक्षा करते हुए अवशेष धनराशि खर्च नहीं करने वाले विभागों को भी सख्त हिदायत दी।
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उन्होंने आवंटित धनराशि के सापेक्ष व्यय की समीक्षा करते हुए 10 मार्च तक अनिवार्य रूप से धनराशि खर्च करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने विकास कार्यों का सत्यापन कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इस दौरान जल निगम, जल संस्थान, सिंचाई, लघुडाल, लोनिवि बागेश्वर, लोनिवि कपकोट, स्वास्थ्य, वन और पीएमजीएसवाइ कपकोट द्वारा धनराशि कम खर्च करने का मामला सामने आया। इन सभी विभागों के अधिकारियों को 10 मार्च तक आवंटित धनराशि के सापेक्ष पूरी धनराशि खर्च करने के निर्देश दिए। डीएम ने 2018-19 के लिए क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत के माध्यम से प्रस्तावित योजनाओं का चयन कर जिला योजना में प्रस्तावित करने के निर्देश दिए।
बैठक में सीडीओ एसएसएस पांगती, डीडीओ केएन तिवारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी देवेंद्र नाथ गोस्वामी, मुख्य कृषि अधिकारी बीपी मौर्या आदि थे।