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1.05 करोड़ रुपये का बंटा मुआवजा
Updated Wed, 12 Jul 2017 10:27 PM IST
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बागेश्वर। जिले में बीते वर्ष आई आपदा की भेंट चढ़ी कई योजनाओं का निर्माण पूरा हो चुुका है। प्रशासन ने गत वर्ष के आपदा प्रभावितों को 1.05 करोड़ रुपये के मुआवजे का भुगतान कर दिया है। प्रशासन ने इस बार के प्रभावितों को मुआवजे का भुगतान शुरू कर दिया है। मुख्य सड़कों को 24 घंटे सुचारु रखने के लिए जेसीबी लगा रखी हैं। इसके अलावा आपदा के प्रति लोगों को सजग रहने के लिए ब्लॉक स्तर पर बैठकों का आयोजन हो रहा है।
बीते वर्ष आपदा में पांच लोगों की मौत हो गई थी और आठ लोग घायल हो गए थे। 234 मकान और 18 गौशाला क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जबकि 7.606 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र प्रभावित हो गया था। एडीएम मुकल गोयल ने बताया कि बीते वर्ष जो लोग प्रभावित हुए थे उनमें मुआवजा बंट चुका है। इस बार की आपदा में तहसीलों से क्षति की भौतिक सत्यापन रिपोर्ट मिलने पर प्रभावितों को मुआवजे का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डीएम ने अधिकारियों को आपदा के दौरान अलर्ट रहने के कड़े निर्देश दिए हैं।
लोनिवि, एडीबी और पीएमजीएसवाई को बंद सड़कों को तत्काल खोलने के भी निर्देश दिए गए हैं। बीते वर्ष सरयू मेें आई बाढ़ में बागेश्वर और कपकोट तहसील में नदी के आसपास की जमीन कट गई थी। रिहायशी इलाके पर खतरे के बादल मंडरा गए थे। तब सरकार ने वहां सुरक्षा के इंतजाम की घोषणा की थी। सिंचाई विभाग ने वहां अलग-अलग जगहों पर नौ करोड़ रुपये की लागत से तटबंध और सुरक्षा दीवारों का निर्माण कर दिया है। जो सड़कें क्षतिग्रस्त हुई थीं उनका पुनर्निर्माण भी हो चुुका है।
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बीते वर्ष आपदा में पांच लोगों की मौत हो गई थी और आठ लोग घायल हो गए थे। 234 मकान और 18 गौशाला क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जबकि 7.606 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र प्रभावित हो गया था। एडीएम मुकल गोयल ने बताया कि बीते वर्ष जो लोग प्रभावित हुए थे उनमें मुआवजा बंट चुका है। इस बार की आपदा में तहसीलों से क्षति की भौतिक सत्यापन रिपोर्ट मिलने पर प्रभावितों को मुआवजे का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डीएम ने अधिकारियों को आपदा के दौरान अलर्ट रहने के कड़े निर्देश दिए हैं।
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लोनिवि, एडीबी और पीएमजीएसवाई को बंद सड़कों को तत्काल खोलने के भी निर्देश दिए गए हैं। बीते वर्ष सरयू मेें आई बाढ़ में बागेश्वर और कपकोट तहसील में नदी के आसपास की जमीन कट गई थी। रिहायशी इलाके पर खतरे के बादल मंडरा गए थे। तब सरकार ने वहां सुरक्षा के इंतजाम की घोषणा की थी। सिंचाई विभाग ने वहां अलग-अलग जगहों पर नौ करोड़ रुपये की लागत से तटबंध और सुरक्षा दीवारों का निर्माण कर दिया है। जो सड़कें क्षतिग्रस्त हुई थीं उनका पुनर्निर्माण भी हो चुुका है।
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