फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   अलग ब्लाक बनाने की हसरत नहीं हो सकी पूरी

अलग ब्लाक बनाने की हसरत नहीं हो सकी पूरी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 20 Feb 2019 12:42 AM IST
विज्ञापन
अलग ब्लाक बनाने की हसरत नहीं हो सकी पूरी

विज्ञापन
बागेश्वर। बागेश्वर जिले के साथ ही यहां सात विकास खंडों की भी मांग थी। जिला तो वर्ष 1997 में बन गया लेकिन ब्लाक बनाने की हसरत आज भी पूरी न हो सकी है। अलग ब्लाक न बनने से सुदूरवर्ती गांवों के विकास पर प्रतिकूल असर पड़ा है। लोगों ने अब इन मांगों को लोकसभा चुनाव में मुद्दा बनाने की चेतावनी दी है।
बागेश्वर जिले की मांग के साथ ही अलग ब्लाकों की भी मांग उठी थी। जिला 18 साल पहले बन गया लेकिन अलग ब्लाकों की मांग आज भी ठंडे बस्ते मेें ही है। इस पर बागेश्वर विधायक चंदन राम दास और कपकोट विधायक बलवंत भौर्याल ने कहा कि कि केंद्र सरकार की ओर से ब्लाकों के पुनर्गठन का प्रस्ताव मांगने पर प्रस्ताव भेजे जाएंगे। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष लोकमणि पाठक ने कहा कि विकास के लिए छोटी प्रशासनिक इकाई होनी जरूरी है। यह भाजपा सरकार के बूते की बात संभव नहीं है।
विज्ञापन


नए ब्लॉकों के बगैर विकास संभव नहीं
जिला निर्माण समिति के महासचिव खड़क राम आर्य, चौड़ास्थल को ब्लाक बनाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष विक्रम दानू, दुग नाकुरी ब्लाक संघर्ष समिति के अध्यक्ष गौरी दत्त जोशी, सचिव धन सिंह भौर्याल, कमेड़ीदेवी विकास संघर्ष समिति के संयोजक इंजीनियर टीएस रावत और कठपुड़ियाछीना संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र रावत कहते हैं कि अलग ब्लाक बने बगैर गांवों का विकास कतई संभव नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन



नहीं हो पा रहा है विकास
जिले में बागेश्वर, कपकोट और गरुड़ ब्लाक हैं। कपकोट ब्लाक से कुंवारी और बोरबलड़ा गांव की दूरी 55 किमी है। यही हाल बागेश्वर और गरुड़ ब्लाक के अंतिम छोर पर बसे गांवों का भी है। ब्लाक मुख्यालयों से गांवों की दूरी अधिक होने से जहां गांवों का अपेक्षित विकास नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों का आवागमन कम होने से ग्रामीणों को विकास योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। गांवों में सड़क, शिक्षा, बिजली, पानी, संचार और रोजगार की हालत भी खस्ता है। इससे पलायन भी बढ़ रहा है।
--
- इन्हें ब्लाक बनाने की है मांग
चौड़ास्थल, शामा, दुग नाकुरी, कमेड़ीदेवी, कठपुड़ियाछीना, रवांईखाल और लौबांज।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed