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खतरा बने हुए हैं अधजले पेड़
Updated Mon, 03 Sep 2018 11:57 PM IST
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बागेश्वर। राष्ट्रीय राजमार्ग तथा राज्य राजमार्ग पर सड़क के किनारे अधजले पेड़ खतरा बने हुए हैं। सड़क की तरफ लटके इन पेड़ों के वाहनों के ऊपर गिरने का खतरा बना रहता है। अल्मोड़ा- ताकुला राष्ट्रीय राजमार्ग, बागेश्वर गरुड़- कौसानी राज्य राजमार्ग में दर्जनों अधजले पेड़ पेड़ हैं।
गत दिनों गरुड़ मार्ग पर सिमार के पास विशाल पेड़ गिर जाने के बाद दो घंटे तक आवागमन ठप रहा तथा यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। जिले में अन्य मार्गों पर भी इस तरह के पेड़ों से खतरा बना हुआ है। लोगों द्वारा कई बार इन पेड़ों को काटने की मांग की जा चुकी है, लेकिन एनएच व वन विभाग के अधिकारी कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। इधर रेडक्रास सोसाइटी के चेयरमैन अशोक लोहुमी तथा सचिव आलोक पांडेय ने जिला प्रशासन से मांग की है कि एनएच व एसएच सहित अन्य मोटर मार्गों में खतरा बने पेड़ों को काटने की मांग की है। इस संबंध में एनएच के एई हितेश कांडपाल का कहना है कि हाईवे में सड़क की तरफ झुके अधजले पेड़ों को काटने की मांग को लेकर कई बार वन विभाग को सूचित किया जा चुका है, लेकिन वन विभाग कोई रुचि नहीं ले रहा है।
गत दिनों गरुड़ मार्ग पर सिमार के पास विशाल पेड़ गिर जाने के बाद दो घंटे तक आवागमन ठप रहा तथा यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। जिले में अन्य मार्गों पर भी इस तरह के पेड़ों से खतरा बना हुआ है। लोगों द्वारा कई बार इन पेड़ों को काटने की मांग की जा चुकी है, लेकिन एनएच व वन विभाग के अधिकारी कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। इधर रेडक्रास सोसाइटी के चेयरमैन अशोक लोहुमी तथा सचिव आलोक पांडेय ने जिला प्रशासन से मांग की है कि एनएच व एसएच सहित अन्य मोटर मार्गों में खतरा बने पेड़ों को काटने की मांग की है। इस संबंध में एनएच के एई हितेश कांडपाल का कहना है कि हाईवे में सड़क की तरफ झुके अधजले पेड़ों को काटने की मांग को लेकर कई बार वन विभाग को सूचित किया जा चुका है, लेकिन वन विभाग कोई रुचि नहीं ले रहा है।
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