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सीएचसी में खून जांच की सुविधा नहीं
Updated Fri, 24 Aug 2018 11:29 PM IST
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कांडा (बागेश्वर)। सरकार ने कांडा में सीएचसी तो खोला, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती की ओर ध्यान नहीं दिया। नतीजतन आज भी अस्पताल में खून जांच की सुविधा नहीं है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में खून जांच की सुविधा नहीं है। इससे क्षेत्रवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। रोगियों को जांच के लिए मुख्यालय तक 20 किमी का सफर करना पड़ रहा है। इससे रोगियों के लिए मुश्किल के साथ जोखिम भी बना है। खासकर गर्भवती महिला, वृद्ध रोगी खून की जांच के लिए परेशान हैं। उन्हें जांच के लिए मुख्यालय आना पड़ रहा है। 20 किमी की दूरी तय करने में ज्यादा समय, धन भी खर्च हो रहा है।
अल्ट्रासाउंड, एक्सरे भी नहीं
कांडा। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की सुविधा भी नहीं है। गर्भवती महिलाओं, रोगियों और घायलों को अल्ट्रासाउंड और एक्सरे के लिए 20 किमी दूर जिला अस्पताल आना पड़ता है। बुनियादी सुविधा नहीं होने से अस्पताल सफेद हाथी साबित हो रहा है।
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एक साल से नहीं मिल रहा 108 का लाभ
कांडा। आपातकालीन 108 सेवा पिछले एक साल से ठप पड़ी है। इससे क्षेत्रवासियों को आपातकालीन एंबुलेंस सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आपात काल में घायल और पीड़ितों के लिए जोखिम बढ़ गया है। ईंधन, टायर आदि संसाधनों के अभाव में एंबुलेंस एक साल से सीएचसी में ही खड़ी है।
महानिदेशालय को खून जांच के लिए लैब का प्रस्ताव भेजा है। अल्ट्रासाउंड, एक्सरे आदि अन्य संसाधनों की भी मांग की है। संसाधनों के अभाव में 108 एंबुलेंस सेवा ठप है।
- रमेश पोखरिया, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, सीएचसी।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में खून जांच की सुविधा नहीं है। इससे क्षेत्रवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। रोगियों को जांच के लिए मुख्यालय तक 20 किमी का सफर करना पड़ रहा है। इससे रोगियों के लिए मुश्किल के साथ जोखिम भी बना है। खासकर गर्भवती महिला, वृद्ध रोगी खून की जांच के लिए परेशान हैं। उन्हें जांच के लिए मुख्यालय आना पड़ रहा है। 20 किमी की दूरी तय करने में ज्यादा समय, धन भी खर्च हो रहा है।
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अल्ट्रासाउंड, एक्सरे भी नहीं
कांडा। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की सुविधा भी नहीं है। गर्भवती महिलाओं, रोगियों और घायलों को अल्ट्रासाउंड और एक्सरे के लिए 20 किमी दूर जिला अस्पताल आना पड़ता है। बुनियादी सुविधा नहीं होने से अस्पताल सफेद हाथी साबित हो रहा है।
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एक साल से नहीं मिल रहा 108 का लाभ
कांडा। आपातकालीन 108 सेवा पिछले एक साल से ठप पड़ी है। इससे क्षेत्रवासियों को आपातकालीन एंबुलेंस सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आपात काल में घायल और पीड़ितों के लिए जोखिम बढ़ गया है। ईंधन, टायर आदि संसाधनों के अभाव में एंबुलेंस एक साल से सीएचसी में ही खड़ी है।
महानिदेशालय को खून जांच के लिए लैब का प्रस्ताव भेजा है। अल्ट्रासाउंड, एक्सरे आदि अन्य संसाधनों की भी मांग की है। संसाधनों के अभाव में 108 एंबुलेंस सेवा ठप है।
- रमेश पोखरिया, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, सीएचसी।