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सेवानिवृत शिक्षक, कर्मचारियों ने उठाई चिकित्सा भता देने की मांग
Updated Wed, 21 Mar 2018 11:08 PM IST
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बागेश्वर। सेवानिवृत्त शिक्षक कर्मचारी और अधिकारियों की बैठक में पेंशनरों को पेंशन पुनरीक्षण का लाभ व चिकित्सा भत्ता देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन बनाने पर भी विचार विमर्श किया गया।
बुधवार को प्रकटेश्वर मंदिर परिसर में उत्तराखंड सेवानिवृत्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी कल्याण की बैठक में सरकार से एक जनवरी 2016 से पूर्व के सेवानिवृत्त पेंशनर्स, पारिवारिक पेंशनरों को पेंशन पुनरीक्षण का लाभ देने की मांग उठाई। सेवानिवृत्त कर्मियों को पूर्ण पेंशन देने की अवधि 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष करने, मासिक चिकित्सा भत्ता देने, जलकर, भवनकर, अन्य करों में 50 प्रतिशत की छूट देने की मांग की गई। अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष केशवानंद जोशी ने की।
बैठक में बहादुर सिंह परिहार, बालादत्त तिवारी, ख्याली भट्ट, भवानी राम आगरी, डॉ. प्रताप सिंह गढ़िया, बची सिंह कार्की, नंदन सिंह, घनश्याम सिंह, धन सिंह, नारायण सिंह आदि मौजूद थे।
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बुधवार को प्रकटेश्वर मंदिर परिसर में उत्तराखंड सेवानिवृत्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी कल्याण की बैठक में सरकार से एक जनवरी 2016 से पूर्व के सेवानिवृत्त पेंशनर्स, पारिवारिक पेंशनरों को पेंशन पुनरीक्षण का लाभ देने की मांग उठाई। सेवानिवृत्त कर्मियों को पूर्ण पेंशन देने की अवधि 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष करने, मासिक चिकित्सा भत्ता देने, जलकर, भवनकर, अन्य करों में 50 प्रतिशत की छूट देने की मांग की गई। अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष केशवानंद जोशी ने की।
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बैठक में बहादुर सिंह परिहार, बालादत्त तिवारी, ख्याली भट्ट, भवानी राम आगरी, डॉ. प्रताप सिंह गढ़िया, बची सिंह कार्की, नंदन सिंह, घनश्याम सिंह, धन सिंह, नारायण सिंह आदि मौजूद थे।
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