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बघर में बंजर भूमि पर बनाए जाए चाय बागान
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बागेश्वर। बघर और हिरमोली के ग्रामीणों ने चाय विकास बोर्ड से क्षेत्र के गांवों में पड़ी बंजर भूमि चाय बागान बनाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बंजर भूमि पर चाय बागान बनाने से बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा।
बघर निवासी हरिशंकर सिंह ने कौसानी चाय बागान के प्रबंधक को पत्र देकर कहा है कि कपकोट तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत बघर, ढोक्टी, तोली में चाय बागान बनाने की जरूरत है। इन गांवों में सैकड़ों नाली जमीन बंजर पड़ी हैं। खेती बाड़ी न होने से रोजगार की तलाश में जनता पलायन कर रही है। यदि यहां पर चाय बागान बनाए जाते हैं तो बंजर भूमि फिर से हरी भरी हो जाएगी और गांव में ही रोजगार मिलने पर पलायन भी रोक लगेगी। उन्होंने चाय विकास बोर्ड अल्मोड़ा से भी बागान के लिए मांग की है।
इधर हिरमोली निवासी हरगोविंद जोशी ने कौसानी चाय बागान के प्रबंधक को ज्ञापन देकर कहा है कि हिरमोली महत गांव में 750-800 नाली उपजाऊ भूमि बंजर होने की कगार पर है। बंजर जमीन का कोई उपयोग नहीं हो रहा है। ग्रामीण चाहते हैं कि चाय विकास बोर्ड इस जमीन पर चाय बागान की अनुमति प्रदान करें ताकि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिले। ग्रामीणों ने चाय बागान लगाने के लिए सर्वेक्षण एवं चयन की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने की मांग की है।
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बघर निवासी हरिशंकर सिंह ने कौसानी चाय बागान के प्रबंधक को पत्र देकर कहा है कि कपकोट तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत बघर, ढोक्टी, तोली में चाय बागान बनाने की जरूरत है। इन गांवों में सैकड़ों नाली जमीन बंजर पड़ी हैं। खेती बाड़ी न होने से रोजगार की तलाश में जनता पलायन कर रही है। यदि यहां पर चाय बागान बनाए जाते हैं तो बंजर भूमि फिर से हरी भरी हो जाएगी और गांव में ही रोजगार मिलने पर पलायन भी रोक लगेगी। उन्होंने चाय विकास बोर्ड अल्मोड़ा से भी बागान के लिए मांग की है।
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इधर हिरमोली निवासी हरगोविंद जोशी ने कौसानी चाय बागान के प्रबंधक को ज्ञापन देकर कहा है कि हिरमोली महत गांव में 750-800 नाली उपजाऊ भूमि बंजर होने की कगार पर है। बंजर जमीन का कोई उपयोग नहीं हो रहा है। ग्रामीण चाहते हैं कि चाय विकास बोर्ड इस जमीन पर चाय बागान की अनुमति प्रदान करें ताकि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिले। ग्रामीणों ने चाय बागान लगाने के लिए सर्वेक्षण एवं चयन की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने की मांग की है।
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