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लखपत ने संभाला मोर्चा, मिले आदमखोर के निशान
Updated Thu, 11 Oct 2018 11:53 PM IST
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बागेश्वर। आदमखोर तेंदुए को मारने के लिए शिकारी लखपत सिंह ने बागेश्वर में मोर्चा संभाल लिया है। लखपत सिंह ने बृहस्पतिवार को दिन भर नगर और आसपास के गांवों में रेकी की। इस दौरान चंडिका मंदिर के पास आदमखोर के पंजों निशान मिले हैं। माना जा रहा है कि आदमखोर ने इसी क्षेत्र में अपना ठिकाना बनाया है।
नदीगांव में मासूम बालिका को निवाला बनाने के बाद से क्षेत्र में आदमखोर तेंदुए का आतंक है। बुधवार की शाम नुमाइश मैदान के समीप ही एक बच्चे पर तेंदुए के हमले के बाद तेंदुए की दहशत और बढ़ गई है। वन विभाग ने आदमखोर से निपटने के लिए शिकारी लखपत सिंह को तैनात किया है। बृहस्पतिवार को लखपत सिंह ने मोर्चा संभालते हुए नगर और आसपास के गांवों में तेंदुए के ठिकानों की तलाश की।
उन्होंने नदीगांव, जौलकांडे, चंडिका मंदिर, चौरासी, नुमाइश मैदान के आस पास तेंदुए के छिपे होने की संभावना को तलाश किया। इस बीच आदमखोर के निशान मिले। शिकारी लखपत ने बताया कि तेंदुए के नुमाईशखेत और चंडिका मंदिर के आसपास तेंदुए का लगातार मूवमेंट है। इधर, क्षेत्रवासियों ने जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़ने या फिर मारने की मांग की है।
नदीगांव में मासूम बालिका को निवाला बनाने के बाद से क्षेत्र में आदमखोर तेंदुए का आतंक है। बुधवार की शाम नुमाइश मैदान के समीप ही एक बच्चे पर तेंदुए के हमले के बाद तेंदुए की दहशत और बढ़ गई है। वन विभाग ने आदमखोर से निपटने के लिए शिकारी लखपत सिंह को तैनात किया है। बृहस्पतिवार को लखपत सिंह ने मोर्चा संभालते हुए नगर और आसपास के गांवों में तेंदुए के ठिकानों की तलाश की।
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उन्होंने नदीगांव, जौलकांडे, चंडिका मंदिर, चौरासी, नुमाइश मैदान के आस पास तेंदुए के छिपे होने की संभावना को तलाश किया। इस बीच आदमखोर के निशान मिले। शिकारी लखपत ने बताया कि तेंदुए के नुमाईशखेत और चंडिका मंदिर के आसपास तेंदुए का लगातार मूवमेंट है। इधर, क्षेत्रवासियों ने जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़ने या फिर मारने की मांग की है।
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