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तैनाती नहीं मिलने से भड़के अतिथि शिक्षक
Updated Mon, 25 Jun 2018 10:48 PM IST
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तैबागेश्वर। अप्रैल से नवीन शिक्षा सत्र चालू हो गया है, लेकिन सरकार ने गेस्ट टीचरों के अनुबंध के नवीनीकरण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। सरकार से मिले समायोजन के आश्वासन पूरा न होने से गेस्ट टीचर अब अपने को ठगा सा महसूस करने लगे हैं। उनका कहना है कि शासन परिषदीय परीक्षा का बेहतरीन परिणाम देने में दिए गए योगदान को भी भूल गई है। उन्होंने प्रदेश शासन से मामले का जल्द निस्तारण करा तैनाती मांगी।
जिले में 263 में से अतिथि शिक्षक 123 शिक्षक एलटी और 140 प्रवक्ता पद पर तैनात थे। उनकी तैनाती से दुर्गम, अति दुर्गम क्षेत्र के विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में सुधार आया था। मामला उच्च न्यायालय में होने के कारण गेस्ट टीचर परेशान हैं। अतिथि शिक्षक संगठन के जिला मीडिया प्रभारी मनोज खोलिया ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में ठोस तरीके से पैरवी नहीं कर रही है। सरकार ने समायोजन का आश्वासन दिया था, उस पर भी कुछ नहीं हो रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से गेस्ट टीचरों के मामले में हर स्तर पर ठोस निर्णय लेने की मांग की है। इनमें प्रेम जोशी, प्रदीप कुमार, गिरधर, सतीश मिश्रा, प्रेम मनराल, राजेश भट्ट, राहुल खुल्बे, विनोद कर्नाटक, किशन नेगी, कन्हैया वर्मा, राजेंद्र धामी आदि थे।
गेस्ट टीचरों के सहयोग से परिषदीय परीक्षाफल में हुआ सुधार
बागेश्वर। अभिभावकों का कहना है कि जिले में विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है। जब से विद्यालयों में गेस्ट टीचरों की तैनाती शुरू हुई शिक्षकविहीन खराब विद्यालयों का हाईस्कूल, इंटर परिषदीय परीक्षाफल भी बेहतर रहा है। जिले वर्ष 2014-15 में हाईस्कूल का रिजल्ट 70.68 प्रतिशत जबकि इंटर का रिजल्ट 74.54 प्रतिशत, वर्ष 2015-16 में हाईस्कूल का रिजल्ट 73.47 प्रतिशत, इंटर 78.41 प्रतिशत, वर्ष 2016-17 में हाईस्कूल 73.67 जबकि इंटर 78.89 प्रतिशत, वर्ष 2017-18 में हाईस्कूल का परीक्षाफल 74.57 प्रतिशत जबकि इंटर का परीक्षाफल 78.97 प्रतिशत रहा।
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जिले में 263 में से अतिथि शिक्षक 123 शिक्षक एलटी और 140 प्रवक्ता पद पर तैनात थे। उनकी तैनाती से दुर्गम, अति दुर्गम क्षेत्र के विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में सुधार आया था। मामला उच्च न्यायालय में होने के कारण गेस्ट टीचर परेशान हैं। अतिथि शिक्षक संगठन के जिला मीडिया प्रभारी मनोज खोलिया ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में ठोस तरीके से पैरवी नहीं कर रही है। सरकार ने समायोजन का आश्वासन दिया था, उस पर भी कुछ नहीं हो रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से गेस्ट टीचरों के मामले में हर स्तर पर ठोस निर्णय लेने की मांग की है। इनमें प्रेम जोशी, प्रदीप कुमार, गिरधर, सतीश मिश्रा, प्रेम मनराल, राजेश भट्ट, राहुल खुल्बे, विनोद कर्नाटक, किशन नेगी, कन्हैया वर्मा, राजेंद्र धामी आदि थे।
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गेस्ट टीचरों के सहयोग से परिषदीय परीक्षाफल में हुआ सुधार
बागेश्वर। अभिभावकों का कहना है कि जिले में विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है। जब से विद्यालयों में गेस्ट टीचरों की तैनाती शुरू हुई शिक्षकविहीन खराब विद्यालयों का हाईस्कूल, इंटर परिषदीय परीक्षाफल भी बेहतर रहा है। जिले वर्ष 2014-15 में हाईस्कूल का रिजल्ट 70.68 प्रतिशत जबकि इंटर का रिजल्ट 74.54 प्रतिशत, वर्ष 2015-16 में हाईस्कूल का रिजल्ट 73.47 प्रतिशत, इंटर 78.41 प्रतिशत, वर्ष 2016-17 में हाईस्कूल 73.67 जबकि इंटर 78.89 प्रतिशत, वर्ष 2017-18 में हाईस्कूल का परीक्षाफल 74.57 प्रतिशत जबकि इंटर का परीक्षाफल 78.97 प्रतिशत रहा।
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