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भूकटाव से मकान को खतरा, मदद की गुहार
Updated Mon, 09 Oct 2017 11:11 PM IST
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बागेश्वर। कैलखुरिया गधेरे से हुए जबरदस्त भूकटाव से ठाकुरद्वारा वार्ड के एक व्यक्ति का मकान खतरे की जद में आ गया है। पीड़ित कपकोट विकास खंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र के आपदा ग्रस्त गांव के निवासी हैं। पीड़ित ने सोमवार को डीएम रंजना से मुलाकात कर मकान की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम कराने की मांग की।
कपकोट विकास के उच्च हिमालयी क्षेत्र का कुंवारी गांव दैवी आपदा प्रभावित है। शासन ने इस गांव के कई प्रभावितों को अन्यत्र विस्थापित कर दिया है। गांव के मादो सिंह के पुत्र मान सिंह देव उन्हीं प्रभावितों में से एक हैं। नगर के ठाकुरद्वारा में अपना मकान होने के कारण उन्हें पुनर्वास की सुविधा नहीं मिली है। उनके पास चल-अचल संपत्ति के नाम पर ठाकुरद्वारा में एकमात्र आपदाग्रस्त मकान है।
डीएम को लिखे पत्र में देव ने कहा है कैलखुरिया नाले से उनके मकान के पास बरसात में पिछले कई सालों से भूस्खलन जारी है। भूस्खलन से उनके मकान के पास लंबी चौड़ी दरारें आ गई हैं। गधेरे के तेज बहाव से ठाकुरद्वारा-भतरौला-कठायतबाड़ा पैदल रास्ता ध्वस्त हो गया है।
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सिंचाई विभाग ने वर्ष 2013 में सुरक्षा के लिए तटबंध बनाए थे, लेकिन उनकी ऊंचाई कम होने के कारण भूस्खलन से लगातार नुकसान हो रहा है। उन्होंने डीएम से मकान की सुरक्षा के लिए अधिक ऊंचाई के तटबंध और दीवार बनाने की मांग की है। डीएम ने मामले में आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
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कपकोट विकास के उच्च हिमालयी क्षेत्र का कुंवारी गांव दैवी आपदा प्रभावित है। शासन ने इस गांव के कई प्रभावितों को अन्यत्र विस्थापित कर दिया है। गांव के मादो सिंह के पुत्र मान सिंह देव उन्हीं प्रभावितों में से एक हैं। नगर के ठाकुरद्वारा में अपना मकान होने के कारण उन्हें पुनर्वास की सुविधा नहीं मिली है। उनके पास चल-अचल संपत्ति के नाम पर ठाकुरद्वारा में एकमात्र आपदाग्रस्त मकान है।
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डीएम को लिखे पत्र में देव ने कहा है कैलखुरिया नाले से उनके मकान के पास बरसात में पिछले कई सालों से भूस्खलन जारी है। भूस्खलन से उनके मकान के पास लंबी चौड़ी दरारें आ गई हैं। गधेरे के तेज बहाव से ठाकुरद्वारा-भतरौला-कठायतबाड़ा पैदल रास्ता ध्वस्त हो गया है।
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सिंचाई विभाग ने वर्ष 2013 में सुरक्षा के लिए तटबंध बनाए थे, लेकिन उनकी ऊंचाई कम होने के कारण भूस्खलन से लगातार नुकसान हो रहा है। उन्होंने डीएम से मकान की सुरक्षा के लिए अधिक ऊंचाई के तटबंध और दीवार बनाने की मांग की है। डीएम ने मामले में आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया है।