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अस्पतालों में संसाधनों, उपकरणों की नहीं होनी चाहिए कमी
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बागेश्वर। डीएम रंजना राजगुरु ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा की। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के निर्देश दिए। शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम रंजना राजगुरु ने बैठक की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का जिम्मा एएनएम पर रहता है, इसलिए सभी एएनएम जिम्मेदारी पूर्ण ढंग से काम करें।
डीएम ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीमों के आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों में भ्रमण की जानकारी ली। कड़े लहजे में कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूलों में किये दौरे की तिथि, बच्चों के परीक्षण की रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा जिले से बाहर रेफर करने वाले बच्चों का भी डाटा तैयार किया जाए। टीम ब्लॉकों में हर स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर सभी बच्चों का चेकअप करें। डीएम ने सख्त निर्देश दिए कि संस्थागत डिलीविरी के बाद निर्धारित समय के बाद ही जच्चा बच्चा को डिस्चार्ज किया जाय। वहीं गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण शत प्रतिशत करने के निर्देश दिये। कहा कि अस्पतालों में संसाधनों, उपकरणों की कमी न हो, यदि बजट की कमी आड़े आए तो प्रस्ताव बनाकर दें ताकि बजट दिया जा सके। कांडा और कपकोट के अस्पतालों में पेयजल की आपूर्ति दुरुस्त करने को कहा। उन्होंने एनएचएम, आरबीएसके, आरएनटीसीपी की प्रगति, एमएमआर, टीबी की गहन समीक्षा की। डीएम ने सीएमओ और डॉक्टरों को निर्देश दिए कि इमरजेंसी समेत वार्डों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर की जाए। वहां सीडीओ एसएसएस पांगती, एडीएम राहुल गोयल, सीईओ हरीश चंद्र सिंह रावत, सीएमओ डॉ. जेसी मंडल, डीपीआरओ पूनम पाठक, एसीएमओ डॉ. बीके सक्सेना, डॉ. हरीश पोखरिया कांडा, डॉ. राजेश गुंज्याल गरूड़, डॉ. बृजेश रावत कपकोट मौजूद थे।
अस्पतालों में संसाधनों, उपकरणों की नहीं होनी चाहिए कमी
डीएम ने एनएचएम की बैठक में सीएमओ को दिये निर्देश
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डीएम ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीमों के आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों में भ्रमण की जानकारी ली। कड़े लहजे में कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूलों में किये दौरे की तिथि, बच्चों के परीक्षण की रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा जिले से बाहर रेफर करने वाले बच्चों का भी डाटा तैयार किया जाए। टीम ब्लॉकों में हर स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर सभी बच्चों का चेकअप करें। डीएम ने सख्त निर्देश दिए कि संस्थागत डिलीविरी के बाद निर्धारित समय के बाद ही जच्चा बच्चा को डिस्चार्ज किया जाय। वहीं गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण शत प्रतिशत करने के निर्देश दिये। कहा कि अस्पतालों में संसाधनों, उपकरणों की कमी न हो, यदि बजट की कमी आड़े आए तो प्रस्ताव बनाकर दें ताकि बजट दिया जा सके। कांडा और कपकोट के अस्पतालों में पेयजल की आपूर्ति दुरुस्त करने को कहा। उन्होंने एनएचएम, आरबीएसके, आरएनटीसीपी की प्रगति, एमएमआर, टीबी की गहन समीक्षा की। डीएम ने सीएमओ और डॉक्टरों को निर्देश दिए कि इमरजेंसी समेत वार्डों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर की जाए। वहां सीडीओ एसएसएस पांगती, एडीएम राहुल गोयल, सीईओ हरीश चंद्र सिंह रावत, सीएमओ डॉ. जेसी मंडल, डीपीआरओ पूनम पाठक, एसीएमओ डॉ. बीके सक्सेना, डॉ. हरीश पोखरिया कांडा, डॉ. राजेश गुंज्याल गरूड़, डॉ. बृजेश रावत कपकोट मौजूद थे।
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डीएम ने एनएचएम की बैठक में सीएमओ को दिये निर्देश