{"_id":"5b8d7c1042c7924674625edd","slug":"111535998992-bageshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क बंद होने से बढ़ी महंगाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क बंद होने से बढ़ी महंगाई
Updated Mon, 03 Sep 2018 11:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बागेश्वर। आपदा की मार से कपकोट ब्लाक के सरयू घाटी के गांवों को यातायात से जोड़ने वाली मुनार-सूपी-पतियासार सड़क पर 15 दिन से चौपहिया वाहनों की आवाजाही बंद है। मार्ग जगह-जगह पर क्षतिग्रस्त होने से लोग छोटे वाहनों में भी जान हथेली में लेकर आवाजाही कर रहे हैं। इस मार्ग पर बड़े वाहनों के नहीं चलने से ग्रामीण अंचलों में महंगाई बढ़ गई है।
इस साल दैवी आपदा से सड़क को जबरदस्त नुकसान हुआ है। बावे बैंड के समीप मलबा और पत्थर आने से यह सड़क बार-बार बंद हो जा रही है। सड़क की बदहाली से सरयू घाटी के रिखाड़ी, हरकोट, धुरकोट, सूपी, तरसाल, पतियासार, खल्झूनी, बैछम, झूनी, हरकोट, खल्पट्टा- मिकिला, नीण नगेला आदि गांवों की 30 हजार लोग परेशान हैं। 15 दिन गुजरने के बाद भी सड़क दुरुस्त नहीं हो पाई है। सांसद आदर्श गांव सूपी के प्रधान यशपाल टाकुली का कहना है कि समस्याओं का शीघ्र समाधान न होने पर ग्रामीण आंदोलन करेंगे।
क्षेत्रवासी सोबन सिंह कहते हैं खस्ताहाल सड़क पर पैदल चलने में भी डर लग रहा है। रोगियों को उपचार के लिए सीएचसी कपकोट लाने में काफी परेशानी हो रही है। तरसाल के पूर्व प्रधान मोहन सिंह टाकुली कहते हैं कि बड़े वाहन न आने से दूध, फल, सब्जी आदि जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद सिंह कहते हैं कि आपदा से लोग परेशान हैं। जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अमला हाथ पर हाथ धरे बैठा है ।कुंवर राम कहते हैं कि रसोई गैस की गाड़ी भी नहीं आ पा रही है। गैस के एक सिलिंडर का सौ रुपये का अतिरिक्त भाड़ा देना पड़ रहा है।
विज्ञापन
इस साल दैवी आपदा से सड़क को जबरदस्त नुकसान हुआ है। बावे बैंड के समीप मलबा और पत्थर आने से यह सड़क बार-बार बंद हो जा रही है। सड़क की बदहाली से सरयू घाटी के रिखाड़ी, हरकोट, धुरकोट, सूपी, तरसाल, पतियासार, खल्झूनी, बैछम, झूनी, हरकोट, खल्पट्टा- मिकिला, नीण नगेला आदि गांवों की 30 हजार लोग परेशान हैं। 15 दिन गुजरने के बाद भी सड़क दुरुस्त नहीं हो पाई है। सांसद आदर्श गांव सूपी के प्रधान यशपाल टाकुली का कहना है कि समस्याओं का शीघ्र समाधान न होने पर ग्रामीण आंदोलन करेंगे।
विज्ञापन
क्षेत्रवासी सोबन सिंह कहते हैं खस्ताहाल सड़क पर पैदल चलने में भी डर लग रहा है। रोगियों को उपचार के लिए सीएचसी कपकोट लाने में काफी परेशानी हो रही है। तरसाल के पूर्व प्रधान मोहन सिंह टाकुली कहते हैं कि बड़े वाहन न आने से दूध, फल, सब्जी आदि जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद सिंह कहते हैं कि आपदा से लोग परेशान हैं। जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अमला हाथ पर हाथ धरे बैठा है ।कुंवर राम कहते हैं कि रसोई गैस की गाड़ी भी नहीं आ पा रही है। गैस के एक सिलिंडर का सौ रुपये का अतिरिक्त भाड़ा देना पड़ रहा है।
विज्ञापन