{"_id":"59dcfeb94f1c1bee688b5189","slug":"111507655353-bageshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर की रंगाई-पुताई भी हुई महंगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर की रंगाई-पुताई भी हुई महंगी
Updated Tue, 10 Oct 2017 10:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। दीपावली पर्व पर लोग घरों की रंगाई-पुताई का कार्य करते हैं। जीएसटी लगने के बाद पेंट और डिस्टेंपर के दामों में बढ़ोतरी होने से इस साल रंगाई-पुताई भी महंगी हो गई है। जीएसटी के कारण डीलरों से पेंट और डिस्टेंपर सहित अन्य सजावटी सामान उधार नहीं मिलने से व्यापारी वर्ग भी परेशान है।
दीपावली के दौरान हर साल पेंट और डिस्टेंपर की अच्छी बिक्री होती है, लेकिन इस बार जीएसटी के कारण लोगों को घर सजाने के लिए जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ रही है। व्यवसायी ललित मोहन जोशी ने बताया कि पिछले पांच सालों में पेंट और डिस्टेंपर सहित अन्य सामान के दामों में काफी बढ़ोतरी हुई है।
पांच लीटर के पेंट के डिब्बे पर पांच सालों में 150 रुपये तो डिस्टेंपर के दामों 100 रुपये तक की तेजी आई है। कोई भी सामान खरीदने पर ग्राहक को जीएसटी भी चुकाना होगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी के कारण व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
डीलरों से उन्हें नकद में सामान खरीदना पड़ रहा है, जबकि अधिकांश ग्राहकों को उधार में सामान देना पड़ता है। एक अन्य व्यवसायी पप्पू साह ने बताया कि 28 प्रतिशत जीएसटी के कारण सामान महंगा हुआ है। इससे लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
विज्ञापन
दीपावली के दौरान हर साल पेंट और डिस्टेंपर की अच्छी बिक्री होती है, लेकिन इस बार जीएसटी के कारण लोगों को घर सजाने के लिए जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ रही है। व्यवसायी ललित मोहन जोशी ने बताया कि पिछले पांच सालों में पेंट और डिस्टेंपर सहित अन्य सामान के दामों में काफी बढ़ोतरी हुई है।
विज्ञापन
पांच लीटर के पेंट के डिब्बे पर पांच सालों में 150 रुपये तो डिस्टेंपर के दामों 100 रुपये तक की तेजी आई है। कोई भी सामान खरीदने पर ग्राहक को जीएसटी भी चुकाना होगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी के कारण व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
डीलरों से उन्हें नकद में सामान खरीदना पड़ रहा है, जबकि अधिकांश ग्राहकों को उधार में सामान देना पड़ता है। एक अन्य व्यवसायी पप्पू साह ने बताया कि 28 प्रतिशत जीएसटी के कारण सामान महंगा हुआ है। इससे लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।