{"_id":"4e73f418fce6f1da0acfe9051238f18d","slug":"badrinath-temple-is-no-longer-at-risk","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदरीनाथ मंदिर को अब खतरा नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदरीनाथ मंदिर को अब खतरा नहीं
अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 21 Aug 2013 01:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में बदरीनाथ धाम पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए बुधवार को सिंचाई विभाग की टीम धाम पहुंच गई। टीम ने स्थलीय निरीक्षण कर मंदिर के पीछे सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य शुरु करवा दिया है।
विज्ञापन
बदरीनाथ धाम में मंगलवार देर रात से हो रही बारिश अभी भी जारी है।
पढ़े, अब बदरीनाथ मंदिर के पीछे शुरु हुई 'हलचल'
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने बताया कि बदरीनाथ मंदिर के पीछे स्थित इंद्र और नारायणी नाले का रुख अलकनंदा नदी की ओर कर दिया गया है। जिससे अब मंदिर को कोई खतरा नहीं है।
सिंचाई विभाग के मजदूरों ने बारिश के बीच ही सुरक्षा दीवार का निमार्ण कार्य शुरु कर दिया है। बदरीनाथ मंदिर के पीछे हो रहे भूस्खलन से धाम को खतरा पैदा हो गया था। मंदिर के पीछे नारायण पर्वत पर सिंचाई विभाग की ओर से बनाई गई सुरक्षा दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। इन हालातों में नारायणी और इंद्र नाले में जमा मलबा कभी भी बदरीनाथ धाम में तबाही मचा सकता है।
विज्ञापन
तेज बहाव से खोखले हुए ब्लॉक
बदरीनाथ मंदिर के ठीक नीचे करीब 50 मीटर की दूरी पर स्थित तप्त कुंड के ब्लॉक भी अलकनंदा नदी के तेज बहाव से खोखले हो गए हैं, जिससे तप्त कुंड को खतरा पैदा हो गया है।
बदरीनाथ हाईवे गोविंदघाट में बंद
बारिश से मंगलवार को तड़के बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग गोविंदघाट के पास अवरुद्ध हो गया। यहां पर चट्टान का एक हिस्सा टूटकर हाईवे पर आ गया है, जिससे लामबगड़ तक जाने वाले वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी है। वहीं, बिरही, छिनका, गडोरा, पैनी मोड़, हेलंग, जोशीमठ, मारवाड़ी, नंदप्रयाग में बदरीनाथ हाईवे बदहाल पड़ा है। हाईवे पर जगह-जगह जल भराव हो रहा है।