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महिलाएं अपनी शक्ति को पहचानें, वह अपराजिता हैं: जिला न्यायाधीश

Thu, 13 Jun 2019 07:46 PM IST
kapil sharma अमर उजाला ब्यूरो  अल्मोड़ा।
अमर उजाला ब्यूरो  अल्मोड़ा। Published by: kapil sharma Updated Thu, 13 Jun 2019 07:46 PM IST
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aparajita 100 million smiles campaign in almora
अपराजिता कार्यक्रम में जिला न्यायाधीश डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा के साथ छात्राएं और शिक्षिकाएं। - फोटो : अमर उजाला
जिला न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि महिलाएं मानसिक और शारीरिक रूप से पुरुषों की अपेक्षा ज्यादा ताकतवर हैं। शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा के बावजूद महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी नहीं मिल पा रही है। राजकीय महिला पॉलीटेक्निक अल्मोड़ा में अमर उजाला द्वारा अपराजिता कार्यक्रम के तहत आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा
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 कि महिलाओं को अपनी सामाजिक सुरक्षा का हक हर हाल में लेना होगा। अमर उजाला के अपराजिता अभियान की सराहना करते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि महिलाएं अपनी को शक्ति पहचानें कि वह अपराजिता हैं। इस अवसर पर 107 छात्राओं ने अपराजिता शपथ पत्र भी भरे।   इस अवसर पर डा. शर्मा ने अपराजिता 100 मिलियन स्माइल के पोस्टर का भी विमोचन किया।
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डॉ. शर्मा ने कहा कि महिला को आज भी वस्तु समझा जा रहा है। बच्ची के धरती पर पैदा होने से पहले ही प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं। मां को भी बेटा ही चाहिए होता है। 18 साल पूरे होने के बाद पिता को बेटी की शादी की चिंता हो जाती है। छात्राओं को शिक्षित होकर आत्मनिर्भर बनने के बाद ही विवाह की सोचनी होगी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुए एक शोध के हवाले से कहा कि आत्मनिर्भर होने के बाद भी 78 फीसदी महिलाएं अपनी इच्छा के  बगैर खर्च नहीं कर सकती हैं। इसके लिए उन्हें माता-पिता अथवा पति की राय लेनी होती है। बच्चे को बैड-टड और गुड-टच को शुरू से ही समझना होगा, तभी वह अत्याचार से बच पाएंगे। गलत कहना नहीं है और गलत बर्दाश्त भी नहीं करना है। इससे पहले पॉलीटेक्निक की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव डा. शेष चंद्र, निर्भया प्रकोष्ठ की अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी, शिक्षिका डॉ. शुभा पोखरिया, आंचल राना, दीपा मेहरा, रेखा, आशुतोष शर्मा आदि मौजूद थे। संचालन प्रवक्ता आईडी तिवारी ने किया। 
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अपराजिता बनना है       
प्रथम वर्ष की छात्रा नीतू बोरा ने कहा कि अमर उजाला का अभियान काफी अच्छा है। इस तरह के कार्यक्रम में उन्होंने पहली बार हिस्सा लिया और काफी कुछ सीखने को मिला। उन्होंने कहा कि उन्हें भी अपराजिता बनना है।        

अमर उजाला का सराहनीय अभियान       
प्रथम वर्ष की छात्रा मुमुक्षु भट्ट ने अभियान की तारीफ करते हुए कहा कि बालिकाओं के लिए इस तरह के अभियान की काफी जरूरत है। उन्होंने जिला जज डा. ज्ञानेंद्र शुक्ला द्वारा बताई गई जानकारी को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया।

अन्य स्कूलों में भी चलाया जाना चाहिए अभियान        
अल्मोड़ा। छात्रा रंजना ने बताया कि वह अमर उजाला के अभियान से काफी प्रभावित हैं। इस दौरान उन्हें काफी अच्छी जानकारी मिली। इस तरह के अभियान बालिकाओं के अन्य स्कूलों में भी चलाए जाने चाहिए।        

ग्रामीण क्षेत्रों में भी चले अभियान        
अल्मोड़ा। छात्रा गरिमा बिष्ट ने बताया कि महिलाओं के लिए यह अभियान काफी अच्छा है। ऐसे अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में भी शुरू करने चाहिए। उन्होंने अपराजिता कार्यक्रम में मिली जानकारियों को बेहद महत्वपूर्ण बताया।        

समाज से भेदभाव हटाना जरूरी        
अल्मोड़ा। छात्रा हर्षिता का कहना है कि समाज में लड़का और लड़की जैसे भेदभाव को मिटाना जरूरी है। वह भी पहले पढ़ाई करने के बाद अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती हैं। इसके बाद ही वह भविष्य के अन्य निर्णय लेंगी।  

वस्तु नहीं है बराबर का दर्जा मिले लड़की को        
अल्मोड़ा। द्वितीय वर्ष की छात्रा कल्पना नेगी का कहना था कि लड़कियों को वस्तु नहीं समझना चाहिए। लड़का और लड़की को समाज में बराबर का दर्जा दिया जाना चाहिए तभी समाज में समानता रहेगी।
 
खुद के पैरों पर खड़ा होना चाहती हूं        
अल्मोड़ा। आईटी फाइनल वर्ष की छात्रा प्रियंका शर्मा ने कहा कि वह भी खुद के पैरों पर खड़ा होना चाहती हैं। इसके लिए वह आज से ही प्रण कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वह पहले पूरी पढ़ाई करेंगी और फिर नौकरी करना चाहती हैं।        






अभियान से पाजेटिव मिली एनर्जी        
अल्मोड़ा। पालीटेक्निक संस्थान में द्वितीय वर्ष की छात्रा मंजू का कहना है कि अभियान से उन्हें पाजेटिव एनर्जी मिली है। वह अपने साथ समाज की महिलाओं को भी अपने पैरों पर खड़ा होते देेखना पसंद करेंगी।  

अपराजिता थीम बदलेगा छात्राओं का भविष्य        
अल्मोड़ा। छात्रा मनीषा बिष्ट का कहना है कि उन्हें अमर उजाला की अपराजिता थीम काफी अच्छी लगी। जिसमें महिलाओं के लिए चलाया गया अभियान काफी सराहनीय है।  
 
आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है       
अल्मोड़ा। विनीता बगडवाल ने कहा कि अमर उजाला के अपराजिता अभियान से उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है। जिला जज की बातें काफी प्रेरणादायी रही हैं।  
 
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