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अब कुंपुर लालकुर्ती में तेंदुए ने मचाया आतंक, कई मवेशी मारे
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सोमेश्वर में बन्दर के हमले से घायल सरूली देवी
- फोटो : ALMORA
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सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। सोमेश्वर क्षेत्र में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। घरों और दुकानों से सामान चुराने के साथ ही अब बंदर लोगों पर हमला कर उन्हें घायल भी करने लगे हैं। मंगलवार सुबह बंदर ने हमला कर घर के बाहर बैठी एक वृद्धा को घायल कर दिया। महिला का स्थानीय अस्पताल में इलाज कराया गया।
तहसील के ग्राम मल्ला खोली निवासी सरूली देवी (91) घर के बाहर आंगन में बैठक खाना खा रही थी। इसी दौरान एक बंदर ने उन पर हमला कर उनके हाथ में काट लिया। परिजन उन्हें क्षेत्र के प्राथमिक अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार बंदरों का आतंक बढ़ रहा है। घरों से सामान चुराने के साथ ही बंदर बाजार की दुकानों और राहगीरों से भी सामान झपट रहे हैं। राहगीरों को भी बंदरों से खतरा है। विशेष रूप से छोटे बच्चों के लिए अधिक खतरा है। बंदर अब तक कई लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर चुके हैं। शासन, प्रशासन को बंदरों की रोकथाम कर लोगों की जान, माल की रक्षा करनी चाहिए।
तेंदुए ने कुंपुर लालकुर्ती में मारे कई मवेशी
रानीखेत (अल्मोड़ा)। खनियां और अम्याड़ी क्षेत्र के बाद अब नगर से सटे कुंपुर लालकुर्ती क्षेत्र में भी दो तेंदुए सक्रिय हैं। वह कई मवेशियों को मार चुके हैं।
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सामाजिक कार्यकर्ता रामेश्वर गोयल ने बताया कि कई लोगों ने दो तेंदुओं को आबादी क्षेत्र में घूमते देखा है। यह तेंदुए चार कुत्ते, तीन बछिया और एक गाय को मार चुके हैं। शाम होते ही तेंदुए गुर्राने लगते हैं। इस कारण लोग अकेले आने-जाने से डर रहे हैं। लालकुुर्ती के लोगों ने वन विभाग से यहां भी पिंजरा लगाने की मांग की है। वहीं खनिया गांव में घूम रहा तेंदुआ पिंजरे में नहीं फंस सका है। इस कारण वन विभाग की ओर से लगाया गया पिंजरा मंगलवार को चौथे दिन भी खाली रहा जबकि खनियां गांव में तेंदुए की दहशत है। वन क्षेत्राधिकारी हरीश टम्टा ने बताया कि तेंदुए के पिंजरे में फंसने का इंतजार किया जा रहा है। यदि एक-दो दिन में तेंदुआ नहीं फंसा तो ग्रामीणों के बताए गए दूसरे स्थान पर पिंजरा लगाया जाएगा।
पचना और बिमोला गांव में तेंदुओं की दहशत
गरुड़ (बागेश्वर)। बैजनाथ रेंज के बिमोला और पचना गांव में तेंदुआ दो बच्चों के साथ कई दिनों से दस्तक दे रहा है। इससे ग्रामीण सहमे हैं। बिमोला और पचना के ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई दिनों से दो बच्चों के साथ तेंदुआ रोज आ रहा है। ग्रामीण शोर मचा कर तेंदुए और शावकों को आबादी से भगा रहे हैं। तेंदुए के डर से ग्रामीण शाम होने के बाद घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। पचना के प्रधान प्रकाश कोहली, बिमोला के पूर्व प्रधान हरीश राम ने वन विभाग से तेंदुओं को शीघ्र हटाने की मांग की है।
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तहसील के ग्राम मल्ला खोली निवासी सरूली देवी (91) घर के बाहर आंगन में बैठक खाना खा रही थी। इसी दौरान एक बंदर ने उन पर हमला कर उनके हाथ में काट लिया। परिजन उन्हें क्षेत्र के प्राथमिक अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार बंदरों का आतंक बढ़ रहा है। घरों से सामान चुराने के साथ ही बंदर बाजार की दुकानों और राहगीरों से भी सामान झपट रहे हैं। राहगीरों को भी बंदरों से खतरा है। विशेष रूप से छोटे बच्चों के लिए अधिक खतरा है। बंदर अब तक कई लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर चुके हैं। शासन, प्रशासन को बंदरों की रोकथाम कर लोगों की जान, माल की रक्षा करनी चाहिए।
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तेंदुए ने कुंपुर लालकुर्ती में मारे कई मवेशी
रानीखेत (अल्मोड़ा)। खनियां और अम्याड़ी क्षेत्र के बाद अब नगर से सटे कुंपुर लालकुर्ती क्षेत्र में भी दो तेंदुए सक्रिय हैं। वह कई मवेशियों को मार चुके हैं।
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सामाजिक कार्यकर्ता रामेश्वर गोयल ने बताया कि कई लोगों ने दो तेंदुओं को आबादी क्षेत्र में घूमते देखा है। यह तेंदुए चार कुत्ते, तीन बछिया और एक गाय को मार चुके हैं। शाम होते ही तेंदुए गुर्राने लगते हैं। इस कारण लोग अकेले आने-जाने से डर रहे हैं। लालकुुर्ती के लोगों ने वन विभाग से यहां भी पिंजरा लगाने की मांग की है। वहीं खनिया गांव में घूम रहा तेंदुआ पिंजरे में नहीं फंस सका है। इस कारण वन विभाग की ओर से लगाया गया पिंजरा मंगलवार को चौथे दिन भी खाली रहा जबकि खनियां गांव में तेंदुए की दहशत है। वन क्षेत्राधिकारी हरीश टम्टा ने बताया कि तेंदुए के पिंजरे में फंसने का इंतजार किया जा रहा है। यदि एक-दो दिन में तेंदुआ नहीं फंसा तो ग्रामीणों के बताए गए दूसरे स्थान पर पिंजरा लगाया जाएगा।
पचना और बिमोला गांव में तेंदुओं की दहशत
गरुड़ (बागेश्वर)। बैजनाथ रेंज के बिमोला और पचना गांव में तेंदुआ दो बच्चों के साथ कई दिनों से दस्तक दे रहा है। इससे ग्रामीण सहमे हैं। बिमोला और पचना के ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई दिनों से दो बच्चों के साथ तेंदुआ रोज आ रहा है। ग्रामीण शोर मचा कर तेंदुए और शावकों को आबादी से भगा रहे हैं। तेंदुए के डर से ग्रामीण शाम होने के बाद घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। पचना के प्रधान प्रकाश कोहली, बिमोला के पूर्व प्रधान हरीश राम ने वन विभाग से तेंदुओं को शीघ्र हटाने की मांग की है।