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व्हाट्सएप ग्रुप ही बन गया था घर-घर में स्कूल

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 30 Mar 2022 11:18 PM IST
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Whatsapp Group Played Role of School for Kids
भास्कर जोशी - फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। धौलादेवी विकासखंड के दुर्गम राजकीय प्राथमिक स्कूल बजेला के सहायक अध्यापक भास्कर जोशी ने कोरोना काल की बाधाओं से जूझते हुए खुद के संसाधनों से बच्चों तक आसानी से शिक्षा पहुंचाई। उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर बच्चों को शिक्षा से जोड़ा। उन्होंने एजूकेशन फॉर ऑल नामक यूट्यूब चैनल बनाकर इसमें स्व निर्मित एनिमेटेड सामग्री पोस्ट की।
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भास्कर जोशी ने 20 मार्च 2020 को व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर अपने स्कूल के बच्चो को शिक्षा से जोड़ा। उन्होंने उत्तराखंड के अन्य जिलों के 150 से अधिक बच्चों को भी शिक्षा से जोड़ा। उन्होंने विद्यार्थियों को घर- घर जाकर वर्कशीट वितरित की। सेवित क्षेत्र के गंगनाथ मंदिर में बच्चों को कोरोना प्रोटोकॉल के अंतर्गत व्यवस्थित रूप से बैठा कर शिक्षण कार्य किया।
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इस बीच रचनात्मक तरीके जैसे कहानी शिक्षण, प्रोजेक्ट कार्य, दीवार पत्रिका, परिवेशीय अध्ययन शिक्षा प्रदान करने का मुख्य जरिया रहा। भास्कर ने स्कूल वेबसाइट बना कर बच्चों को 500 से अधिक वर्कशीट और दैनिक कार्य उपलब्ध कराया। उन्होंने बजेला ऑनलाइन एंड्रायड एजूकेशन एप बनाकर ना केवल सेवित क्षेत्र के बच्चे बल्कि पूरे भारत वर्ष के बच्चों को इस ऐप से जोड़ने का प्रयास किया गया। इस एप का लाइब्रेरी सेक्शन बच्चों को काफी पसंद आया। बच्चे अवसाद में ना जाने पाए इसके लिए अधिक से अधिक आनंदम कक्षाओं का संचालन किया जिसमे बच्चों को ध्यान देने की प्रक्रिया, कहानी, गतिविधि और अभिव्यक्ति का प्रशिक्षण दिया गया।
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ये आईं कठिनाइयां
शिक्षक भास्कर जोशी कहते हैं कि बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी बहुत बड़ा बिंदु था। नियमों का पालन करके हमने इसे सुनिश्चित किया। कोरोनाकाल में बाजार बंद थे, रचनात्मक सामग्री जैसे चार्ट, पेपर, रंग, पेंसिल आदि समय से उपलब्ध नहीं हो पाए। बहुत पिछड़ा क्षेत्र होने के कारण बच्चों के पास मोबाइल डिवाइस नहीं थे। नेटवर्क की अनुपलब्धता थी। उन्हें तकनीक का कोई ज्ञान नही था। इसका प्रशिक्षण अभिभावकों और बच्चों को देने में थोड़ा समय लगा। इन सब समस्याओं से निपटने के लिए गांव में ही डेरा डाल लिया था।
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