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प्रवेश फीस बढ़ाई तो खैर नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत(अल्मोड़ा)।
Updated Mon, 30 Mar 2015 11:34 PM IST
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निजी विद्यालयों में मनमाने ढंग से प्रवेश शुल्क बढ़ाने वाले संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। तहसीलदार एसएस तोमर ताड़ीखेत बीआरसी में निजी विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान शिक्षा के अधिकार अधिनियम का भी पाठ पढ़ाया गया। कई विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों ने कार्यशाला में प्रतिनिधि भेजे थे, इस पर भी मुख्य अतिथि कड़ी नाराजगी जताई।
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जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशासन ने यहां ताड़ीखेत स्थित बीआरसी भवन में निजी विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों की बैठक लेकर उन्हें शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत कार्य करने को कहा। मुख्य अतिथि तहसीलदार एसएस तोमर ने कहा कि कई विद्यालयों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य कार्यशाला में मौजूद नहीं हैं, भविष्य में इस तरह की लापरवाही हुई तो कार्रवाई होगी। निजी विद्यालयों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के नियमों का पालन नहीं होेने पर संचालक नपेंगे। ब्लॉक समन्वयक सुंदर जोशी ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्रवेश, प्रवेश शुल्क सहित तमाम विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
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प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी गोविंद लाल ने अधिनियम के तहत सभी सूचनाएं साफ और शुद्ध रूप से भरने को कहा। प्रवेश शुल्क, टीसी शुल्क में बगैर पूछे बढ़ोतरी हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आरटीई के सभी नियमों और मानकों का पालन करने को कहा गया। इस दौरान कई प्रतिनिधियों की शंकाओं का भी समाधान किया गया। कार्यशाला में उपखंड शिक्षा अधिकारी गितिका जोशी, ब्लॉक सह समन्वयक जगदीश उपाध्याय तथा कई संकुल समन्वयक मौजूद थे।
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बिना मान्यता वाले स्कूलों को करें बंद
रानीखेत। तहसीलदार एसएस तोमर ने कहा कि क्षेत्र में बिना मान्यता के संचालित विद्यालयों को दो दिन के भीतर बंद करें, नहीं तो एक अप्रैल से कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। हालांकि ब्लाक समन्वयक सुंदर चंद्र जोशी ने बताया कि अभी तक अमान्य विद्यालयों की सूची उनके पास नहीं है।