{"_id":"65b54b3b6fb314964d0d8314","slug":"weight-department-gets-new-officer-after-6-years-almora-news-c-232-1-alm1002-107584-2024-01-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: छह साल बाद बाट-माप विभाग को मिला इंस्पेक्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: छह साल बाद बाट-माप विभाग को मिला इंस्पेक्टर
Sat, 27 Jan 2024 11:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sat, 27 Jan 2024 11:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंस्पेक्टर, कनिष्ठ सहायक और प्रयोगशाला परिचर के रिक्त पदों पर कर्मचारी तैनात
अल्मोड़ा। बाट-माप विभाग के लिए राहत की खबर है। जिले में छह वर्ष बाद विभाग में इंस्पेक्टर इंस्पेक्टर, कनिष्ठ सहायक और प्रयोगशाला परिचर की तैनाती हो गई है। अब तक पिथौरागढ़ के वरिष्ठ इंस्पेक्टर के जिम्मे अल्मोड़ा का प्रभार था।
वर्ष 2018 से पिथौरागढ़ के वरिष्ठ निरीक्षक अल्मोड़ा की भी जिम्मेदारी अकेले संभाल रहे थे। कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे विभाग के लिए घटतौली रोकने के साथ ही राजस्व वसूली के लक्ष्य को हासिल करना चुनौती था।
दो साल में करना होता है बाट और तराजू का सत्यापन
अल्मोड़ा। जिले के व्यापारियों को इलेक्ट्रानिक तराजू का प्रतिवर्ष और सामान्य तराजू और बाट का सत्यापन दो वर्ष में एक बार कराना जरूरी है। विभाग के आंकड़ों में जिले में 3500 दुकानें हैं। संवाद
विज्ञापन
कोट- रिक्त पदों पर तैनाती हो गई है। अब विभाग के लिए राजस्व वसूली का लक्ष्य हासिल करना आसान होगा। विभाग का प्रयास है कि घटतौली पर अंकुश लगे। हम जल्द अभियान चलाएंगे। -आनंद सिंह रावत, प्रभारी वरिष्ठ निरीक्षक, बाट- माप विभाग अल्मोड़ा।
विज्ञापन
अल्मोड़ा। बाट-माप विभाग के लिए राहत की खबर है। जिले में छह वर्ष बाद विभाग में इंस्पेक्टर इंस्पेक्टर, कनिष्ठ सहायक और प्रयोगशाला परिचर की तैनाती हो गई है। अब तक पिथौरागढ़ के वरिष्ठ इंस्पेक्टर के जिम्मे अल्मोड़ा का प्रभार था।
वर्ष 2018 से पिथौरागढ़ के वरिष्ठ निरीक्षक अल्मोड़ा की भी जिम्मेदारी अकेले संभाल रहे थे। कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे विभाग के लिए घटतौली रोकने के साथ ही राजस्व वसूली के लक्ष्य को हासिल करना चुनौती था।
विज्ञापन
दो साल में करना होता है बाट और तराजू का सत्यापन
अल्मोड़ा। जिले के व्यापारियों को इलेक्ट्रानिक तराजू का प्रतिवर्ष और सामान्य तराजू और बाट का सत्यापन दो वर्ष में एक बार कराना जरूरी है। विभाग के आंकड़ों में जिले में 3500 दुकानें हैं। संवाद
विज्ञापन
कोट- रिक्त पदों पर तैनाती हो गई है। अब विभाग के लिए राजस्व वसूली का लक्ष्य हासिल करना आसान होगा। विभाग का प्रयास है कि घटतौली पर अंकुश लगे। हम जल्द अभियान चलाएंगे। -आनंद सिंह रावत, प्रभारी वरिष्ठ निरीक्षक, बाट- माप विभाग अल्मोड़ा।