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पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण
ब्यूरो /अमर उजाला, अल्मोड़ा
Updated Sat, 28 Nov 2015 12:51 AM IST
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ग्राम पंचायत मैचोड़ और मटेना के ग्रामीणों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। मैचोड़ में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कसारदेवी-माट-मटेना-कोसी पेयजल योजना से गांव में पानी नहीं मिल रहा है। दो माह से ग्रामीण रसोई गैस सिलेंडर से वंचित हैं।
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भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह पिलख्वाल ने जनसंपर्क कर ग्रामीणों के साथ बैठक की। दोनों स्थानों पर हुई अलग-अलग बैठकों में ग्रामीणों ने कहा कि गैस न मिलने से उन्हें लकड़ियों में खाना बनाना पड़ रहा है। दोनों गांव की पेयजल आपूर्ति भी सुचारु नहीं हो पा रही है।
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कसारदेवी-माट-मटेना-कोसी पंपिंग से ग्रामीणों को पानी नहीं मिल रहा है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह पिलख्वाल ने कहा कि समस्याओं को लेकर वह दोनों विभागों से वार्ता करेंगे और समाधान के प्रयास करेंगे। उन्होंने गैस प्रबंधक से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र में गैस की आपूर्ति करने को कहा।
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वहां सरपंच बलवंत सिंह मेहता, मैचोड़ की प्रधान आशा देवी, पार्वती देवी, शांति देवी, वीरेंद्र सिंह मेहता, कुंदन सिंह मेहरा, अमर सिंह मेहता, अर्जुन सिंह मेहता, बहादुर सिंह, भूपाल सिंह, कृष्णा मेहता, शंकर सिंह मेहता, नंदन राम, शेर राम, पान सिंह थे।