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सल्ट के कई गांवों में पानी के लिए हाहाकार
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Fri, 24 Mar 2017 11:01 PM IST
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हिमुडा परवाणू शहर में एक बार फिर अप्रैल से पानी की दरों में 10 फीसदी तक बढ़ोतरी करने वाला है।
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सल्ट ब्लाक के कई गांवों में पेयजल किल्लत बढ़ने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी की दस्तक देने के साथ ही पेयजल स्रोतों में पानी सूखने लगा है। इससे कई गांवों में पानी की किल्लत बढ़ गई है।
सल्ट ब्लाक के सदरा, डोटियाल, क्वैरला, डभरा, सकनणा, कुंहील, नैलवालपाली, कूनीधार, गहला आदि गांव में गर्मी शुरू होते ही पेयजल योजनाओं के स्रोतों में पानी कम होने लगा है। इन योजनाओं से जुड़े गावों में पानी की किल्लत गहराने लगी है। कई गांवों में तो जल संकट काफी गहरा गया है। ग्रामीण नौलों अथवा प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढ़ो रहे हैं। ग्रामीणों का अधिकांश समय परिवार और मवेशियों के लिए पानी जुटाने में ही बर्बाद हो जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से पेयजल योजनाओं में पानी की आपूर्ति बहुत कम हो रही है। इस कारण कई गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा है। ग्रामीण नौले अथवा प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढो रहे हैं। सुबह होते ही नौले और जल स्रोतों में ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो जा रही है। घंटों इंतजार करने के बाद भी ग्रामीणों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है।
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ग्रामीणों ने पेयजल आपूर्ति शीघ्र दुरुस्त नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। ग्राम प्रधान महिपाल असवाल और उप प्रधान अनीता तिवारी ने कहा कि पेयजल समस्या का शीघ्र स्थायी समाधान करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में हर साल इन गांवों में पानी का संकट रहता है लेकिन इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता है।
सल्ट ब्लाक के सदरा, डोटियाल, क्वैरला, डभरा, सकनणा, कुंहील, नैलवालपाली, कूनीधार, गहला आदि गांव में गर्मी शुरू होते ही पेयजल योजनाओं के स्रोतों में पानी कम होने लगा है। इन योजनाओं से जुड़े गावों में पानी की किल्लत गहराने लगी है। कई गांवों में तो जल संकट काफी गहरा गया है। ग्रामीण नौलों अथवा प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढ़ो रहे हैं। ग्रामीणों का अधिकांश समय परिवार और मवेशियों के लिए पानी जुटाने में ही बर्बाद हो जा रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से पेयजल योजनाओं में पानी की आपूर्ति बहुत कम हो रही है। इस कारण कई गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा है। ग्रामीण नौले अथवा प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढो रहे हैं। सुबह होते ही नौले और जल स्रोतों में ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो जा रही है। घंटों इंतजार करने के बाद भी ग्रामीणों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है।
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ग्रामीणों ने पेयजल आपूर्ति शीघ्र दुरुस्त नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। ग्राम प्रधान महिपाल असवाल और उप प्रधान अनीता तिवारी ने कहा कि पेयजल समस्या का शीघ्र स्थायी समाधान करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में हर साल इन गांवों में पानी का संकट रहता है लेकिन इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता है।