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साहब: ताड़ीखेत के ग्रामीण कब तक रहेंग प्यासे
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दीपक ठाकुर
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। ताड़ीखेत विकासखंड के कई गांवों में पांच दिन बाद भी पानी नहीं पहुंचा है। दो दो पेयजल योजनाओं के बावजूद ग्रामीणों को प्यासा रहना पड़ रहा है। ताड़ीखेत-गगास पेयजल योजना का पुनर्गठन नहीं होने के कारण आए दिन पेयजल लाइनें जवाब दे जा रही हैं। इससे कई गांवों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
इलाके की दूसरी पेयजल योजना तिपौला का भी वाल्ब खराब बताया जा रहा है। अभी ग्रामीणों को कुछ और दिन पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। सिमोली, पथुली, थकुलाड़ी, गैरड़, पपना सहित तमाम इलाकों में ताड़ीखेत गगास और तिपौला पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति होती है। दो दो पेयजल योजनाओं के बावजूद इन गांवों में पानी की आपूर्ति नहीं होने से लोगों में भारी आक्रोश है। सामाजिक कार्यकर्ता दीपक ठाकुर ने बताया कि ताड़ीखेत गगास योजना में पिछले 15 दिनों से पानी नहीं आया है, तिपौला योजना का पानी पांच दिन बाद खुला लेकिन खुलते ही वाल्ब खराब हो गया, जिस कारण पानी नहीं पहुंच पाया है। ग्रामीण दूर दराज के स्रोतों और गधेरों से पानी पीने को विवश हो रहे हैं। उन्होंने विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र में आए दिन समस्या रहती है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है। इधर, जल संस्थान के एई शेखर रौतेला ने बताया कि गगास योजना के पाइप लाइन जवाब दे जा रही है। तिपौला योजना को ठीक कर दिया गया है। यदि वाल्ब खराब हैं तो इसे शीघ्र ठीक कर दिया जाएगा।
-ग्रामीण पानी के लिए बेहद परेशान हैं। जल संस्थान और जलनिगम के लोग आए दिन लोगों को गुमराह कर रहे हैं। पानी के लिए बेहद परेशानी हो रही है।-नरेंद्र सिंह नेगी, सिमोली
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-आप देख् ही रहे हो दो किमी दूर से पानी ढोकर ला रहे है। दो दो पेयजल योजनाएं किस काम की है। सुबह से शाम पानी जुटाने में व्यतीत हो रहा है।-डुंगर सिंह मेहता, सिमोली।
-पानी ढोते ढोते आफत आ गई है। बच्चे भी पढ़ाई लिखाई छोड़कर पानी भरने में जुटे हैं। विभाग के अधिकारी आए दिन नए बहाने बना रहे हैं। यदि व्यवस्था नहीं होती तो साफ साफ कह दें।-दीपक ठाकुर, सिमोली।
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इलाके की दूसरी पेयजल योजना तिपौला का भी वाल्ब खराब बताया जा रहा है। अभी ग्रामीणों को कुछ और दिन पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। सिमोली, पथुली, थकुलाड़ी, गैरड़, पपना सहित तमाम इलाकों में ताड़ीखेत गगास और तिपौला पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति होती है। दो दो पेयजल योजनाओं के बावजूद इन गांवों में पानी की आपूर्ति नहीं होने से लोगों में भारी आक्रोश है। सामाजिक कार्यकर्ता दीपक ठाकुर ने बताया कि ताड़ीखेत गगास योजना में पिछले 15 दिनों से पानी नहीं आया है, तिपौला योजना का पानी पांच दिन बाद खुला लेकिन खुलते ही वाल्ब खराब हो गया, जिस कारण पानी नहीं पहुंच पाया है। ग्रामीण दूर दराज के स्रोतों और गधेरों से पानी पीने को विवश हो रहे हैं। उन्होंने विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र में आए दिन समस्या रहती है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है। इधर, जल संस्थान के एई शेखर रौतेला ने बताया कि गगास योजना के पाइप लाइन जवाब दे जा रही है। तिपौला योजना को ठीक कर दिया गया है। यदि वाल्ब खराब हैं तो इसे शीघ्र ठीक कर दिया जाएगा।
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-ग्रामीण पानी के लिए बेहद परेशान हैं। जल संस्थान और जलनिगम के लोग आए दिन लोगों को गुमराह कर रहे हैं। पानी के लिए बेहद परेशानी हो रही है।-नरेंद्र सिंह नेगी, सिमोली
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-आप देख् ही रहे हो दो किमी दूर से पानी ढोकर ला रहे है। दो दो पेयजल योजनाएं किस काम की है। सुबह से शाम पानी जुटाने में व्यतीत हो रहा है।-डुंगर सिंह मेहता, सिमोली।
-पानी ढोते ढोते आफत आ गई है। बच्चे भी पढ़ाई लिखाई छोड़कर पानी भरने में जुटे हैं। विभाग के अधिकारी आए दिन नए बहाने बना रहे हैं। यदि व्यवस्था नहीं होती तो साफ साफ कह दें।-दीपक ठाकुर, सिमोली।