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उत्तराखंड वीरों की भी भूमि : कटियार
Wed, 17 Apr 2019 11:14 PM IST
दीपक नेगी
almora
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Published by: दीपक नेगी
Updated Wed, 17 Apr 2019 11:14 PM IST
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चौखुटिया में वीरांगनाओं के साथ सैन्य अधिकारी।
- फोटो : amar ujala
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डोगरा रेजीमेंट की ओर से सेना की सूर्य कमांड के गरुड़ डिवीजन द्वारा बाखली मैदान में आयोजित पूर्व सैनिकों की ऐतिहासिक रैली में पूर्व सैनिकों के साथ ही आम जनता भी उमड़ पड़ी। मुख्य अतिथि मेजर जनरल मनोज कुमार कटियार, विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल एमसी भंडारी और सेना के अन्य अधिकारियों ने वीरांगनाओं और विशिष्ट सेवाएं देने वाले पूर्व सैनिकों की पत्नियों को सम्मानित किया।
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मेजर जनरल मनोज कटियार ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि ही नहीं बल्कि वीर भूमि भी है। गढ़वाल और कुमाऊं रेजीमेंट ने युद्ध में वीरता के कई पुरस्कार प्राप्त किए हैं। पड़ोसी देश की नापाक हरकतों के चलते कई बार सोशल मीडिया पर सेना के बारे में नकारात्मक टिप्पणियां होती हैं। ऐसी टिप्पणियों को नजरअंदाज कर सेना का मनोबल बढ़ाने की जरूरत है। कहा, देश आज सशक्त सेना की बदौलत ही मजबूत स्थिति में है।
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इस मौके पर विशिष्ट अतिथि सेवा निवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल मोहन चंद्र भंडारी ने पलायन पर चिंता जताते हुए पूर्व सैनिकों से पलायन रोकने के लिए सामूहिक प्रयास करने की दिशा में जुटने को कहा। पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष शेरसिंह नेगी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए चौखुटिया में कैंटीन खोले जाने और रैली का भव्य आयोजन करने पर सेना के सभी अधिकारियों का आभार जताया। संचालन लेफ्टिनेंट सौरभ सिंह ने किया।
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छह दिव्यांगों को मिली स्कूटी, बीस वीरांगनाएं पुरस्कृत
रैली में छह दिव्यांग पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को स्कूटी प्रदान की गई। इनमें रुद्रप्रयाग के राजू लाल, उत्तरकाशी के अजय पाल सिंह, डीडीहाट के खीमसिंह कन्याल, पोखरी गढ़वाल के सतीश चंद्र, चंडीगढ़ यूनिट से आए ओम प्रकाश और पिथौरागढ़ के चंद्रशेखर शामिल थे। इस दौरान 20 वीरांगनाओं, विशिष्ट सेवा देने वाले 14 पूर्व सैनिकों की पत्नियों और अस्सी साल से ऊपर के 14 पूर्व सैनिकों को सम्मनित किया गया। अधिकारियों ने सेना के हथियारों की प्रदर्शनी का निरीक्षण भी किया।