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अवैध खनन के खिलाफ ग्रामीणों ने किया जोरदार प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Tue, 06 Dec 2016 10:36 PM IST
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अवैध खनन के खिलाफ प्रदर्शन करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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ग्राम पंचायत पटलगांव में रामगंगा नदी में हो रहे अवैध खनन के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है। ग्रामीणों ने राजस्व विभाग की टीम के सामने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने खनन पर तुरंत अंकुश नहीं लगने पर गंभीर परिणाम की चेतावनी देते हुए कहा है कि इससे किसी तरह की शांति भंग होने पर प्रशासन जिम्मेदार रहेगा। ग्रामीणों का आरोप है कि पटलगांव के अंतर्गत रामगंगा नदी में लंबे समय से हो रहे अवैध खनन के चलते नदी में बड़े गड्ढे बन गए हैं।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर आरोप लगाया था कि रामगंगा नदी और उनके नाप खेतों और कृषि भूमि पर अवैध रूप से जेसीबी मशीन चलाकर खनन किया जा रहा है। जिससे उनकी उपजाऊ भूमि नष्ट हो रही है। उन्होंने कहा कि खननकर्ता को ग्राम पंचायत की ओर से किसी तरह का अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं दिया गया है, इसके बावजूद मनमाने ढंग से खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार और अन्य राजस्व कर्मियों के सामने ही आक्रोशित ग्रामीणों ने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया और खनन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई भी डंपर या ट्रक लेकर खनन क्षेत्र में पहुंचा तो उसको गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। ऐसी स्थिति में शांति भंग होने पर पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इधर मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार ओमवीर सिंह ने मौका मुआयना करने के साथ ही खनन पर रोक लगाने की बात कही है। नायब तहसीलदार का कहना है कि संबंधित खननकर्ता को शासन द्वारा जारी पट्टे के सीमांकन आदि की जांच करने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
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विरोध प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान चंद्रा देवी, सरपंच आशा देवी, हरिदत्त शर्मा, महेश शर्मा, दयासागर वैला, कृपाल राम, जानकी देवी, भगवती देवी, बसंती देवी, लीलावती जोशी, पदमा देवी, पुष्पादेवी, भुवन जोशी, तनुजा शर्मा, माया शर्मा, पार्वती देवी, गोपालसिंह, देवकी देवी, उमा देवी, कृष्णानंद आदि शामिल थे।
इधर खन कर्ता का कहना है कि उसे शासन द्वारा पट्टा जारी किया गया है। दूसरी ओर ग्रामीणों का आरोप है कि खननकर्ता ने कथित तौर पर जारी पट्टेे के अलावा भी रामगंगा नदी के एक विस्तृत भू भाग में खनन कर दिया है। मौके पर मौजूद रेत पत्थर के ढेर पूरी कहानी खुद बयां कर रहे हैं।
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ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर आरोप लगाया था कि रामगंगा नदी और उनके नाप खेतों और कृषि भूमि पर अवैध रूप से जेसीबी मशीन चलाकर खनन किया जा रहा है। जिससे उनकी उपजाऊ भूमि नष्ट हो रही है। उन्होंने कहा कि खननकर्ता को ग्राम पंचायत की ओर से किसी तरह का अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं दिया गया है, इसके बावजूद मनमाने ढंग से खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार और अन्य राजस्व कर्मियों के सामने ही आक्रोशित ग्रामीणों ने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया और खनन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की।
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ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई भी डंपर या ट्रक लेकर खनन क्षेत्र में पहुंचा तो उसको गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। ऐसी स्थिति में शांति भंग होने पर पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इधर मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार ओमवीर सिंह ने मौका मुआयना करने के साथ ही खनन पर रोक लगाने की बात कही है। नायब तहसीलदार का कहना है कि संबंधित खननकर्ता को शासन द्वारा जारी पट्टे के सीमांकन आदि की जांच करने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
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विरोध प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान चंद्रा देवी, सरपंच आशा देवी, हरिदत्त शर्मा, महेश शर्मा, दयासागर वैला, कृपाल राम, जानकी देवी, भगवती देवी, बसंती देवी, लीलावती जोशी, पदमा देवी, पुष्पादेवी, भुवन जोशी, तनुजा शर्मा, माया शर्मा, पार्वती देवी, गोपालसिंह, देवकी देवी, उमा देवी, कृष्णानंद आदि शामिल थे।
इधर खन कर्ता का कहना है कि उसे शासन द्वारा पट्टा जारी किया गया है। दूसरी ओर ग्रामीणों का आरोप है कि खननकर्ता ने कथित तौर पर जारी पट्टेे के अलावा भी रामगंगा नदी के एक विस्तृत भू भाग में खनन कर दिया है। मौके पर मौजूद रेत पत्थर के ढेर पूरी कहानी खुद बयां कर रहे हैं।