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पेयजल योजना के बंद होने से ग्रामीणों ने दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो मौलेखाल (अल्मोड़ा)।
Updated Mon, 05 Feb 2018 10:05 PM IST
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तहसील परिसर में धरना
- फोटो : अमर उजाला
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पिछले दस दिनों से बंद चल रही गुलार-करगेत पेयजल योजना से गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को तहसील परिसर में धरना दिया। ग्रामीणों ने ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई और पानी की व्यवस्था सुचारु करने की मांग की। बाद में ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा।
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विकासखंड सल्ट के गुलार-करगेत पेयजल योजना के बंद होने से नाराज ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय में धरना दिया और पेयजल योजना सुचारू करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा पैंसिया से गड़कोट मोटर मार्ग का निर्माण के कारण क्षेत्र में पेयजल योजना दस दिनों से बंद पड़ी है। जिसमें पाइपों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है।
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उन्होंने संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने और पेयजल व्यवस्था सुचारु करने की मांग की। बाद में मौके पर पहुंचे जल संस्थान के अवर अभियंता मनोज गंगवार ने बताया कि पैंसिया गड़कोट मोटर मार्ग के निर्माण के कारण पाइप लाइन को नुकसान पहुंच रहा है।
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जिसमें संबंधित लोगों के खिलाफ तहरीर दे दी गई है और जल्द कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में मंगलवार से पेयजल व्यवस्था सुचारु कर दी जाएगी। मालूम हो कि पिछले दस दिनों से विकासखंड सल्ट के कालीगांव, जाललीखान, बांगीधार, कपड़ा ढैया, मौलेखाल, शशिखाल, सकरखोला, घसकोट, पोखरी, नपटुआ, देवायल हिनौला, करगेत दैला आदि एक दर्जन गांवों में पेयजल व्यवस्था चरमरा गई थी।
ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन भी दिया। धरना और ज्ञापन देने वालों में यूथ कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष प्रहलाद रावत, जिला पंचायत सदस्य अर्जुन रावत, प्रधान श्याम भंडारी, सोबन बोरा, नंदन बोरा, योगेंद्र अधिकारी, विनोद सिंह, देवेंद्र अधिकारी, शिवेंद्र बोरा, महेंद्र रावत, महेंद्र बोरा, श्याम बोरा, बची सिंह बोरा आदि शामिल थे।