सब्जियां तो उगाते हैं, पर बेचे कहां
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जनप्रतिनिधि खेती-किसानी को बढ़ावा देने के दावे तो खूब कर रहे हैं, लेकिन इसका अंदाजा सब्जी उत्पादक क्षेत्र एराड़ी, मनेला को देखकर सहज ही लगाया जा सकता है।
सड़क के अभाव में यहां किसान पांच किमी की खड़ी चढ़ाई पारकर किसी तरह सब्जियों को बाजार पहुंचा रहे हैं। कड़ी मेहनत के बाद भी ग्रामीणों को पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाता। यहां के लिए स्वीकृत गगास-एराड़ी-मनेला पांच किमी मोटर मार्ग का निर्माण कार्य आज तक शुरू नहीं हो सका है।
मालूम हो कि गगास घाटी के अंदर एराड़ी-मनेला आदि गांवों में लाही, सरसों, पालक, मूली, गढेरी सहित तमाम सब्जियों का प्रचुर मात्रा में उत्पादन होता है। लेकिन सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीण उत्पादों को समय से बाजार नहीं पहुंचा पाते। जिसके चलते पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाता।
तमाम कोशिशों के बाद 2014 में राज्य योजना से गगास-एराड़ी-मनेला पांच किमी मोटर मार्ग को स्वीकृति मिली, लेकिन कार्य आज तक शुरू नहीं हो सका है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र बिष्ट और बीडीसी सदस्य त्रिलोक सिंह का कहना है कि विधायक मदन बिष्ट ने भी गत दिनों इस सड़क को लेकर सार्थक आश्वासन दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीण परेशान हैं। यदि शीघ्र सड़क अस्तित्व में नहीं आई तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।