उर्स में लाउडस्पीकर बंद कराने पर हुआ बवाल
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नरसिंहबाड़ी स्थित पीर बेरिया साह बाबा की मजार पर चल रहे उर्स के दौरान कव्वाली कार्यक्रम में बज रहे लाउडस्पीकर को लेकर शुक्रवार रात में विवाद खड़ा हो गया। मजार से कुछ दूरी पर रहने वाले एक रिटायर्ड सैन्य अधिकारी ने कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए देर रात तक लाउडस्पीकर बजाने पर रोक लगाने की मांग की थी। इस पर रात्रि में मौके पर पहुंची पुलिस ने माइक की आवाज कम करने को कहा। जिस पर आयोजकों ने विरोध जताते हुए उर्स कार्यक्रम बंद कर दिया। इधर शनिवार को आयोजकों के साथ कई अन्य लोगों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर कुछ देर धरना दिया और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा। बाद में एसएसपी डीएस कुंवर ने आयोजकों के साथ वार्ता की। वार्ता के बाद मामला शांत हुआ।
नरसिंहबाड़ी में स्थित पीर बेरिया साह बाबा की मजार में इन दिनों उर्स चल रहा है। जानकारी के मुताबिक पास में रहने वाले एक रिटायर्ड सैन्य अधिकारी ने शुक्रवार को जिलाधिकारी, एसएसपी और कोतवाल को ज्ञापन देकर कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने पर रोक लगाने की मांग की थी। इस पर देर रात में पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर माइक की आवाज कम करने को कहा। इस पर वहां विवाद खड़ा हो गया और रात करीब 12:15 बजे आयोजकों ने उर्स में कव्वाली कार्यक्रम को बंद कर दिया। उनका आरोप था कि पुलिस उर्स कार्यक्रम में व्यवधान पैदा कर रही है। इधर शनिवार को आयोजकों के साथ ही कई अन्य लोगों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर कुछ देर धरना भी दिया और प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
आयोजकों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने रात में मौके पर पहुंचकर माइक बंद करा दिए। जिससे दर्शकों में आक्रोश छा गया और कव्वाली का कार्यक्रम बंद करना पड़ा। उन्होंने अंतिम दिन लाउडस्पीकर को अनुमति देने की भी मांग की। ज्ञापन देने वालों में अंजुमन सेवा समिति के पदाधिकारियों के अलावा पंद्रह सूत्रीय कार्यक्रम के सदस्य अख्तर हुसैन, अब्दुल निजाम कुरेशी, अमन अंसारी, अमीनुर्रहमान, अरशद अंसारी, मोहम्मद हबीब, आर अहमद, असरफ खान, सैयद कासिम हुसैन, शाहनवाज वारसी, अफसर अली, फिरोज अंसारी, रियाज अहमद, सैयद नाजिम, मुनव्वर अली आदि थे। इधर कोतवाल उत्तम सिंह ने बताया कि उन्होंने रात्रि में मौके पर जाकर आयोजकों से लाउडस्पीकर की आवाज कम करने को कहा था। माइक बंद करने को नहीं कहा गया था। उन्होंने बताया कि पास में रहने वाले एक सैन्य अधिकारी ने अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा था कि तेज आवाज में माइक बजने से सीनियर सिटीजन और बीमार लोगों की नींद में खलल पड़ता है। बाद में एसएसपी डीएस कुंवर ने भी आयोजकों को वार्ता के लिए बुलाया। उन्होंने आयोजकों को बताया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश हैं। लिखित शिकायत मिलने के बाद ही माइक की आवाज कम करने को कहा गया था। एसएसपी से वार्ता के बाद मामला शांत हो गया।