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राज्य में सशक्त क्षेत्रीय राजनीतिक विकल्प बनाने की संभावनाओं पर की चर्चा
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अल्मोड़ा में उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी से वार्ता को पहुंचे पहाड़ी पार्टी के केंद्रीय
- फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। पहाड़ी पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष त्रिलोक सिंह नेगी के नेतृत्व में आए एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी से उत्तराखंड की अस्मिता की रक्षा के लिए राज्य में एक सशक्त क्षेत्रीय राजनीतिक विकल्प बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की।
बैठक में उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि पिछले दो दशक में राज्य की अवधारणा से खिलवाड़ करने वाले राष्ट्रीय दलों और उनको मदद पहुंचाने वाली विचारधारा से लड़ने को राज्य आंदोलन की तमाम ईमानदार ताकतों को एक मंच पर आना होगा।
उन्होंने उपपा के मिलो जुड़ो और बदलो अभियान, उत्तराखंडी अस्मिता संबंधी विकल्प के सवाल विषय पर शुरू किए राज्यव्यापी संवाद की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इससे कांग्रेस और भाजपा जैसे दलों के खिलाफ राज्य में राजनीतिक बदलाव की मुहिम तेज हो गई है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि दिल्ली से राज करने वाली सरकारों के उत्तराखंडी नेताओं और सरकार का अपना कोई स्वतंत्र अस्तित्व नहीं है। यह सरकारें पूंजीपतियों के इशारों पर चलने वाली सत्ता की कठपुतली बनकर राज्य को कंगाल बना रही हैं। प्राकृतिक संसाधनों को लूटा जा रहा है। इसके खिलाफ एकजुट होने की जरूरत है। बैठक में राज्यभर के तमाम सामाजिक, राजनीतिक जनसंगठनों और समान विचारधारा वाले दलों के बीच संवाद तेज करने पर सहमति बनी। देश में चल रहे किसान आंदोलन को समर्थन जताते हुए सरकार से किसानों का दमन बंद करने की मांग की गई। बैठक में पहाड़ी पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता रवीश उनियाल, केंद्रीय कोेषाध्यक्ष मनवीर सिंह, केंद्रीय विवि श्रीनगर के छात्रसंघ उपाध्यक्ष अनमोल भंडारी, सुंदर सिंह नेगी, विनोद सिंह, अजय, उपपा की रेखा धस्माना, स्निग्धा तिवारी आदि रहीं।
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बैठक में उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि पिछले दो दशक में राज्य की अवधारणा से खिलवाड़ करने वाले राष्ट्रीय दलों और उनको मदद पहुंचाने वाली विचारधारा से लड़ने को राज्य आंदोलन की तमाम ईमानदार ताकतों को एक मंच पर आना होगा।
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उन्होंने उपपा के मिलो जुड़ो और बदलो अभियान, उत्तराखंडी अस्मिता संबंधी विकल्प के सवाल विषय पर शुरू किए राज्यव्यापी संवाद की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इससे कांग्रेस और भाजपा जैसे दलों के खिलाफ राज्य में राजनीतिक बदलाव की मुहिम तेज हो गई है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि दिल्ली से राज करने वाली सरकारों के उत्तराखंडी नेताओं और सरकार का अपना कोई स्वतंत्र अस्तित्व नहीं है। यह सरकारें पूंजीपतियों के इशारों पर चलने वाली सत्ता की कठपुतली बनकर राज्य को कंगाल बना रही हैं। प्राकृतिक संसाधनों को लूटा जा रहा है। इसके खिलाफ एकजुट होने की जरूरत है। बैठक में राज्यभर के तमाम सामाजिक, राजनीतिक जनसंगठनों और समान विचारधारा वाले दलों के बीच संवाद तेज करने पर सहमति बनी। देश में चल रहे किसान आंदोलन को समर्थन जताते हुए सरकार से किसानों का दमन बंद करने की मांग की गई। बैठक में पहाड़ी पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता रवीश उनियाल, केंद्रीय कोेषाध्यक्ष मनवीर सिंह, केंद्रीय विवि श्रीनगर के छात्रसंघ उपाध्यक्ष अनमोल भंडारी, सुंदर सिंह नेगी, विनोद सिंह, अजय, उपपा की रेखा धस्माना, स्निग्धा तिवारी आदि रहीं।
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