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Almora News: उपपा ने पॉली हाउस योजना में भारी भ्रष्टाचार का लगाया आरोप
Mon, 13 Apr 2026 11:19 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 13 Apr 2026 11:19 PM IST
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अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने प्रदेश में पॉली हाउस योजना के नाम पर किसानों के साथ सुनियोजित ठगी करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने इसे सरकारी संरक्षण में किया गया घोटाला करार देते हुए श्वेतपत्र जारी करने और उद्यान मंत्री के इस्तीफे सहित दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश को पॉली हाउस से आच्छादित करने की योजना पिथौरागढ़ में शुरू की थी। 2023 से विभाग ने अपने खातों में किसानों से पैसा मंगवाना शुरू किया।
15 दिनों में किसानों को पॉली हाउस मिलना था लेकिन अल्मोड़ा में 230 से अधिक किसानों को पैसा जमा करने के बाद भी पॉली हाउस नहीं मिले। 2023 में सरकार ने 22 हजार पॉली हाउस लगाने का दावा किया था।
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उन्होंने कहा कि विभाग ने सब्सिडी और अंशदान के नाम पर किसानों से 20 से 40 हजार रुपये तक जमा करवाए लेकिन एक साल बाद भी न पॉली हाउस मिले और न ही कोई जवाबदेही तय हुई। जिन कंपनियों को यह काम सौंपा गया था वे पैका लेकर गायब हो गईं और सरकार ने कुछ नहीं किया।
नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत 551.05 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी लेकिन लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो सकी जो इस पूरे मामले में बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
इसे संगठित भ्रष्टाचार बताते हुए उन्होंने पूरे प्रकरण पर श्वेतपत्र जारी करने, जिम्मेदार अधिकारियों और मंत्रियों पर कार्रवाई, किसानों को उनकी जमा राशि ब्याज सहित लौटाने, भविष्य में ऐसी योजनाओं के लिए जवाबदेही तय करने सहित पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए तो पार्टी किसानों को न्याय दिलवाने के लिए संघर्ष करेगी और जरूरत पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगी।
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पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश को पॉली हाउस से आच्छादित करने की योजना पिथौरागढ़ में शुरू की थी। 2023 से विभाग ने अपने खातों में किसानों से पैसा मंगवाना शुरू किया।
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15 दिनों में किसानों को पॉली हाउस मिलना था लेकिन अल्मोड़ा में 230 से अधिक किसानों को पैसा जमा करने के बाद भी पॉली हाउस नहीं मिले। 2023 में सरकार ने 22 हजार पॉली हाउस लगाने का दावा किया था।
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उन्होंने कहा कि विभाग ने सब्सिडी और अंशदान के नाम पर किसानों से 20 से 40 हजार रुपये तक जमा करवाए लेकिन एक साल बाद भी न पॉली हाउस मिले और न ही कोई जवाबदेही तय हुई। जिन कंपनियों को यह काम सौंपा गया था वे पैका लेकर गायब हो गईं और सरकार ने कुछ नहीं किया।
नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत 551.05 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी लेकिन लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो सकी जो इस पूरे मामले में बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
इसे संगठित भ्रष्टाचार बताते हुए उन्होंने पूरे प्रकरण पर श्वेतपत्र जारी करने, जिम्मेदार अधिकारियों और मंत्रियों पर कार्रवाई, किसानों को उनकी जमा राशि ब्याज सहित लौटाने, भविष्य में ऐसी योजनाओं के लिए जवाबदेही तय करने सहित पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए तो पार्टी किसानों को न्याय दिलवाने के लिए संघर्ष करेगी और जरूरत पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगी।