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अनियंत्रित पर्यटन भी पहुंचा रहा हिमालय की पारिस्थितिकी को नुकसान : डाॅ. महेंद्र
Tue, 01 Jul 2025 12:18 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 01 Jul 2025 12:18 AM IST
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अल्मोड़ा। उत्तराखंड सेवा निधि परिसर में आयोजित कार्यक्रम में ट्रैकर और हिमालयी ग्लेशियर के शोध अध्येता डाॅ.महेंद्र सिंह मिराल ने हिमालय की मौजूद पर्यावरणीय चुनौतियों पर गहन चर्चा की।
उन्होंने कहा कि यदि तापमान वृद्धि आने वाले 75-100 वर्षों तक जारी रही तो इस ग्लोबल वॉर्मिंग से हिमालयी ग्लेशियर पिघल कर समाप्त हो जाएंगे। उन्होंने हिमालय की पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचाने में अनियंत्रित पर्यटन को भी जिम्मेदार ठहराया। डाॅ.महेंद्र ने गंगोत्री हिमनद से कलिंदीखाल दर्रे को पार कर बदरीनाथ तक हिम यात्रा तथा गंगोत्री ग्लेशियर पर ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव पर स्लाइड शो और व्याख्यान दिया। पर्यावरण सेवा निधि के निदेशक पद्मश्री डाॅ. ललित पांडे ने कहा कि हिमालय की दुर्लभ प्रजातियों, विशेषकर भोजपत्र के संरक्षण और पुनः रोपण का कार्य उत्तराखंड सेवा निधि ने गंगोत्री में किया था। भोजपत्र वृक्ष रोपित क्षेत्र में इसके सुखद परिणाम दिखते है, जो क्षेत्र की जैविक विरासत को बचाने में सहायक रहे। इस दौरान मिराल की गंगोत्री ग्लेशियर ऑफ हिमालया: पैराडाइज इन पेरिल पुस्तक का विमोचन किया गया। वहांं डाॅ. शेखर जोशी, मीता उपाध्याय, मुकुल पंत, ध्रुव टम्टा, हेम रौतेला, कमल किशोर जोशी, डाॅ. जेसी दुर्गापाल, जीवन किरौला, गंगा पांडे मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि यदि तापमान वृद्धि आने वाले 75-100 वर्षों तक जारी रही तो इस ग्लोबल वॉर्मिंग से हिमालयी ग्लेशियर पिघल कर समाप्त हो जाएंगे। उन्होंने हिमालय की पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचाने में अनियंत्रित पर्यटन को भी जिम्मेदार ठहराया। डाॅ.महेंद्र ने गंगोत्री हिमनद से कलिंदीखाल दर्रे को पार कर बदरीनाथ तक हिम यात्रा तथा गंगोत्री ग्लेशियर पर ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव पर स्लाइड शो और व्याख्यान दिया। पर्यावरण सेवा निधि के निदेशक पद्मश्री डाॅ. ललित पांडे ने कहा कि हिमालय की दुर्लभ प्रजातियों, विशेषकर भोजपत्र के संरक्षण और पुनः रोपण का कार्य उत्तराखंड सेवा निधि ने गंगोत्री में किया था। भोजपत्र वृक्ष रोपित क्षेत्र में इसके सुखद परिणाम दिखते है, जो क्षेत्र की जैविक विरासत को बचाने में सहायक रहे। इस दौरान मिराल की गंगोत्री ग्लेशियर ऑफ हिमालया: पैराडाइज इन पेरिल पुस्तक का विमोचन किया गया। वहांं डाॅ. शेखर जोशी, मीता उपाध्याय, मुकुल पंत, ध्रुव टम्टा, हेम रौतेला, कमल किशोर जोशी, डाॅ. जेसी दुर्गापाल, जीवन किरौला, गंगा पांडे मौजूद रहे।
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