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उक्रांद की उत्तराखंड बचाओ-उत्तराखंड बसाओ यात्रा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत/भिकियासैंण (अल्मोड़ा)।
Updated Thu, 16 Jun 2016 12:44 AM IST
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यूकेडी की रैली
- फोटो : अमर उजाला
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रानीखेत/भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। उक्रांद की शंखनाद रैली का यहां पर्यटन नगरी में भव्य स्वागत हुआ। केंद्रीय अध्यक्ष पुष्पेश त्रिपाठी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राज्य की वर्तमान दशा और दिशा पर चर्चा की। त्रिपाठी ने कहा कि भाजपा, कांग्रेस की कुनीतियों के चलते राज्य गर्त में चला गया है। 16 वर्षों बाद भी राज्य ने तरक्की नहीं की। राष्ट्रीय दलों के पास विकास की ठोस नीति न होने के कारण लोग ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
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पर्वतीय राज्य की परिकल्पना को लेकर पृथक राज्य की मांग उठी थी, लेकिन पर्वतीय राज्य ही आज उपेक्षित कर दिए गए हैं। पहाड़ में उद्योग नहीं लगाए गए, जिस कारण पलायन से पहाड़ खाली हो चुके हैं। पहाड़ के विकास की ठोस नीति तक राष्ट्रीय दलों के नेता नहीं बना सके। उन्होंने दोनों दलों के नेताओं पर प्रदेश में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
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राज्य के संपूर्ण विकास के लिए उक्रांद को तीसरे विकल्प के रूप में सत्ता सौंपने का आह्वान किया। उन्होंने संघर्षशील ताकतों से भी एकजुट होकर सहयोग की अपील की। कहा कि यह यात्रा पूरे प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल भाजपा की कुनीतियों को उजागर करेगी। जनता के बीच दोनों दलों के सच को उजागर किया जाएगा।
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भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड क्रांति दल की उत्तराखंड बचाओ-उत्तराखंड बसाओ यात्रा के तहत यहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर सभा की। उन्होंने उक्रांद क्षेत्रीय अस्मिता के सवाल पर हमेशा संघर्ष करता रहा है। उन्होंने राज्य की बेहतरी के लिए राष्ट्रीय पार्टियों के खिलाफ एकजुट होने और पार्टी का साथ देने का आह्वान किया। रैली में अध्यक्ष पुष्पेश त्रिपाठी, काशी सिंह ऐरी, प्रताप शाही, गजेंद्र नेगी, पुष्कर पाल, राकेश बिष्ट, देव सिंह, प्रकाश करायत, महेश मठपाल, भूपेंद्र नेगी आदि थे।