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सूखे टैंक में डूब गए दो करोड़!

Sun, 14 May 2017 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूराे अल्माेड़ा
अमर उजाला ब्यूराे अल्माेड़ा Updated Sun, 14 May 2017 11:06 PM IST
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 Two million drowned in a dry tank!
सूखा पड़ा दो करोड़ का जलाशय। - फोटो : अमर उजाला

 शहर के एनटीडी में विक्टर मोहन जोशी पार्क के बीच करीब दो साल पहले 40 लाख लीटर क्षमता का जलाशय (बड़ा टैंक)बना दिया गया, लेकिन इस टैंक को भरने के लिए पानी की लाइन आज तक नहीं बनाई गई है। दो करोड़ रुपये से बना सीमेंट का यह टैंक सूखा पड़ा है जिससे इसके खराब होने की आशंका हो गई है। अगर जलाशय तक जल्द पानी की लाइन नहीं बनी तो इसमें खर्च हुए दो करोड़ रुपये मिट्टी में मिल सकते हैं। 

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एनटीडी में स्थित विक्टर मोहन जोशी पार्क में स्वतंत्रता से पहले का एक जलाशय था। पहले नगर में पेयजल किल्लत होने पर शहर में इसी जलाशय से पेयजल की आपूर्ति की जाती थी। कोसी से नगर के लिए नई लाइन बिछने पर कई दशकों से इस जलाशय का उपयोग नहीं हुआ। शहर में आबादी बढ़ने और एनटीडी और हीराडुंगरी इलाके की पानी की समस्या को देखते हुए पिछले कई सालों से लोग इस जलाशय के जीर्णोद्धार की मांग उठाते रहे।
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लोगों की मांग पर 2015 में पेयजल निगम निर्माण शाखा ने दो करोड़ रुपये की लागत से इस जलाशय को नया रूप दे दिया। यह जलाशय करीब दो साल पहले बनकर तैयार हो गया था और इसकी क्षमता 40 लाख लीटर (40 एमएलडी) है। पार्क के मध्य में स्थापित इस जलाशय के ऊपर लिंटर डाला गया है। इसके ऊपर करीब 1.10 ऊंचाई का तालाब बनाकर बच्चों के लिए नौकायन की योनजा भी प्रस्तावित है। दिलचस्प बात यह है कि विभाग ने लाइन बने बगैर दो करोड़ रुपये से इतनी भारी क्षमता वाला टैंक तैयार कर दिया। 
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जलाशय का निर्माण पूरा होने के बाद विभाग ने कोसी से पानी की लाइन तैयार करने के लिए करीब 12 करोड़ रुपये लागत की योजना का प्रस्ताव शासन को भेजा जो आज तक मंजूर नहीं हुआ है। दो साल से जलाशय में एक बूंद पानी नहीं है। विभाग के इंजीनियर भी यह स्वीकार कर रहे हैं कि पानी नहीं होने के कारण यह टैंक अब खराब हो सकता है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि पानी की व्यवस्था के बगैर दो करोड़ रुपये सै टैंक क्यों तैयार कर दिया गया। दरअसल टैंक के निर्माण में खर्च किए गए दो करोड़ रुपये का जनता को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इधर पेयजल निगम निर्माण शाखा के सहायक अभियंता केडी भट्ट ने बताया कि विभाग ने करीब डेढ़ साल पहले कोसी से इस जलाशय तक पाइप लाइन के निर्माण के लिए शासन को करीब 12 करोड़ रुपये की योजना प्रस्तावित की है। फिलहाल इसे मंजूरी नहीं मिली है।  

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