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पर्यटन सीजन सिर पर, नहीं सुधरी सैलानी नगरी की आंतरिक सड़कें
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रानीखेत में बदहाल आबकारी मोटर मार्ग।
- फोटो : RANIKHET
रानीखेत (अल्मोड़ा)। पर्यटन सीजन सिर पर है, लेकिन आंतरिक सड़कों की हालत ठीक नहीं है। अधिकांश सड़कें छावनी परिषद के अधीन हैं, लेकिन इन्हें आज तक ठीक नहीं किया गया है। शिव मंदिर, जरूरी बाजार, आबकारी सहित तमाम क्षेत्रों की सड़कों के गड्ढे दोपहिया वाहन चालकों के लिए सिर का दर्द बने हुए हैं। बदहाल सड़कों से आम लोगों को भारी दिक्कतें हो रही हैं, वहीं पर्यटक भी कड़वे अनुुुभव लेकर लौट रहे हैं।
बता दें कि रानीखेत के आतंरिक मोटर मार्ग लंबे समय से बदहाल हैं, चाहे वह जरूरी बाजार की सड़क हो या मुख्य सदर बाजार की। इन सड़कों पर दो से तीन फुट लंबे गड्ढे बने हुए हैं। स्टेट बैंक सड़क, ठंडी रोड की हालत भी ठीक नहीं है।
अब पर्यटन सीजन सिर पर है, लेकिन सड़कों की हालत सुधारने के कोई ठोस उपाय नहीं किए जा रहे हैं। शिव मंदिर लाइन की सड़क पर भी जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। रानीझील को जोड़ने वाली सड़क बदहाल है, यहां पर्यटक भी अक्सर शाम के वक्त घूमने पहुंचते हैं। किलकोट-अम्याड़ी मार्गों के सुधारीकरण को लेकर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। कैंट बोर्ड के ड्राफ्टमैन कृपाल सिंह माहरा ने बताया कि आंतरिक मार्गों के सुधारीकरण का प्रस्ताव भेजा गया है, बजट मंजूर होते ही सड़कों का दशा सुधार दी जाएगी।
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बता दें कि रानीखेत के आतंरिक मोटर मार्ग लंबे समय से बदहाल हैं, चाहे वह जरूरी बाजार की सड़क हो या मुख्य सदर बाजार की। इन सड़कों पर दो से तीन फुट लंबे गड्ढे बने हुए हैं। स्टेट बैंक सड़क, ठंडी रोड की हालत भी ठीक नहीं है।
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अब पर्यटन सीजन सिर पर है, लेकिन सड़कों की हालत सुधारने के कोई ठोस उपाय नहीं किए जा रहे हैं। शिव मंदिर लाइन की सड़क पर भी जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। रानीझील को जोड़ने वाली सड़क बदहाल है, यहां पर्यटक भी अक्सर शाम के वक्त घूमने पहुंचते हैं। किलकोट-अम्याड़ी मार्गों के सुधारीकरण को लेकर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। कैंट बोर्ड के ड्राफ्टमैन कृपाल सिंह माहरा ने बताया कि आंतरिक मार्गों के सुधारीकरण का प्रस्ताव भेजा गया है, बजट मंजूर होते ही सड़कों का दशा सुधार दी जाएगी।
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