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विष्णु मंदिर के बाबा की हत्या मामले में तीन गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Fri, 19 Oct 2018 12:20 AM IST
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बाबा की हत्या मामले में गिरफ्तार आरोपी एसएसपी और पुलिस टीम के साथ।
- फोटो : अमर उजाला
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पुलिस ने डोल गांव स्थित प्राचीन विष्णु मंदिर के बाबा त्रिभुवन चैतन्यपुरी उर्फ 1008 स्वामी परमानंदपुरी की हत्या के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एक आरोपी पहले ही आत्महत्या कर चुका है। एसएसपी पी. रेणुका देवी ने पत्रकार वार्ता में इसका खुलासा किया। तीनों आरोपियों को धारा 302/201/34 के तहत न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
एसएसपी पी. रेणुका देवी ने बताया कि दीपक सिंह फर्त्याल के छोटे भाई पर बाबा ने चोरी का आरोप लगाया था। इसी बात को लेकर दीपक और अन्य बाबा से रंजिश रखने लगे थे। इसी के चलते आरोपियों ने घटना वाले दिन पहले बाबा त्रिभुवन चैतन्यपुरी को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। इसके बाद उन्हें पास स्थित चेक डैम में डुबोकर ऊपर से पत्थर रख दिए, जिससे बाबा की मौत हो गई। बाबा की लाश 29 सितंबर को बरामद हुई।
बाबा के पिता ने अगले दिन लमगड़ा थाने में धारा 302 और 201 में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया। विवेचना लमगड़ा थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट को सौंपी गई। विवेचना के दौरान कई संदिग्धों से पूछताछ की गई। एसओजी के सहयोग और मुखबिरों की सूचना पर दीपक सिंह फर्त्याल पुत्र हर सिंह, सूरज सिंह पुत्र जोधा सिंह, यतेंद्र सिंह पुत्र स्व. नंदन सिंह फर्त्याल और नंदन सिंह पुत्र अमर सिंह निवासी डोल के नाम सामने आए। बुधवार को पुलिस ने तीन आरोपियों दीपक सिंह फर्त्याल, सूरज सिंह और यतेंद्र सिंह को डोल बैंड के पास गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में पता चला कि एक आरोपी नंदन सिंह पहले ही आत्महत्या कर चुका है। आरोपियों ने हत्या की बात कबूल क र ली है। एसएसपी ने बताया कि बाबा के यूको बैंक का एटीएम कार्ड, पासबुक (जिसमें 22 हजार रुपये जमा थे) और बाबा की टॉर्च बरामद आरोपियों से बरामद कर लिया गया है। एसएसपी ने हत्या का खुलासा करने पर थानाध्यक्ष लमगड़ा राजेंद्र सिंह बिष्ट, उपनिरीक्षक अनीश अहमद, कांस्टेबल जगदीश, राकेश भट्ट और निरीक्षक एसओजी की टीम को ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
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एसएसपी पी. रेणुका देवी ने बताया कि दीपक सिंह फर्त्याल के छोटे भाई पर बाबा ने चोरी का आरोप लगाया था। इसी बात को लेकर दीपक और अन्य बाबा से रंजिश रखने लगे थे। इसी के चलते आरोपियों ने घटना वाले दिन पहले बाबा त्रिभुवन चैतन्यपुरी को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। इसके बाद उन्हें पास स्थित चेक डैम में डुबोकर ऊपर से पत्थर रख दिए, जिससे बाबा की मौत हो गई। बाबा की लाश 29 सितंबर को बरामद हुई।
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बाबा के पिता ने अगले दिन लमगड़ा थाने में धारा 302 और 201 में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया। विवेचना लमगड़ा थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट को सौंपी गई। विवेचना के दौरान कई संदिग्धों से पूछताछ की गई। एसओजी के सहयोग और मुखबिरों की सूचना पर दीपक सिंह फर्त्याल पुत्र हर सिंह, सूरज सिंह पुत्र जोधा सिंह, यतेंद्र सिंह पुत्र स्व. नंदन सिंह फर्त्याल और नंदन सिंह पुत्र अमर सिंह निवासी डोल के नाम सामने आए। बुधवार को पुलिस ने तीन आरोपियों दीपक सिंह फर्त्याल, सूरज सिंह और यतेंद्र सिंह को डोल बैंड के पास गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में पता चला कि एक आरोपी नंदन सिंह पहले ही आत्महत्या कर चुका है। आरोपियों ने हत्या की बात कबूल क र ली है। एसएसपी ने बताया कि बाबा के यूको बैंक का एटीएम कार्ड, पासबुक (जिसमें 22 हजार रुपये जमा थे) और बाबा की टॉर्च बरामद आरोपियों से बरामद कर लिया गया है। एसएसपी ने हत्या का खुलासा करने पर थानाध्यक्ष लमगड़ा राजेंद्र सिंह बिष्ट, उपनिरीक्षक अनीश अहमद, कांस्टेबल जगदीश, राकेश भट्ट और निरीक्षक एसओजी की टीम को ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
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