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इस बार नाबी में होम स्टे का आनंद लेंगे कैलाश यात्री
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Mon, 30 Apr 2018 10:57 PM IST
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इसी नाबी गांव में होम स्टे करेंगे मानसरोवर यात्री।
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इस साल कैलाश मानसरोवर यात्रा 14 जून से शुरू हो रही है। पहला दल 14 जून को दिल्ली से रवाना होकर शाम को अल्मोड़ा पहुंचेगा। यात्रियों का हर जत्था पहली बार नाबी गांव में एक रात होम स्टे का आनंद लेगा। पिथौरागढ़ से गुंजी तक हेलीकॉप्टर से यात्रा करने के कारण इस बार यात्री सिर्खा, गाला और बुंदी तीन पड़ावों से होकर नहीं जाएंगे। शरीर को ऊंचाई और मौसम के अनुरूप ढालने के लिए उन्हें नाबी में होम स्टे करवाया जाएगा। इससे होम स्टे से जुड़े नाबी के 20 परिवारों को तीन माह में करीब 10 लाख की आय भी होगी।
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केएमवीएन से मिली जानकारी के मुताबिक 14 जून को अल्मोड़ा में रात्रि विश्राम करने के बाद पहला यात्री दल अगले दिन सड़क से पिथौरागढ़ जाएगा।
पिछले साल तक यात्री धारचूला के बाद सिर्खा, गाला और बुंदी तीन पड़ावों को पार करके तीन दिन बाद गुंजी पहुंचते थे, लेकिन इस इलाके में सड़क निर्माण के चलते इस बार यात्री पिथौरागढ़ से हेलीकॉप्टर के जरिये सीधे गुंजी पहुंचेंगे। गुंजी करीब 3200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। सीधे इतनी ऊंचाई पर पहुंचने से यात्रियों का स्वास्थ्य खराब होने की आशंका रहती है। इसे देखते हुए शरीर को मौसम और ऊंचाई के अनुरूप ढालने के लिए यात्रियों को गुंजी से करीब तीन किमी दूर नाबी गांव ले जाया जाएगा और यात्री इस गांव में होम स्टे का आनंद लेंगे।
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कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक धीराज गर्ब्याल ने बताया कि होम स्टे के दौरान यात्रियों को स्थानीय संस्कृति, परिवेश के साथ ही खानपान आदि के बारे में जानकारी भी मिल सकेगी। यात्री तीसरे दिन नाबी से वापस गुंजी आएंगे और यहां मेडिकल चेकअप के बाद आगे की यात्रा के लिए रवाना होंगे। उन्होंने बताया कि सीमांत गांव नाबी में 20 परिवार होम स्टे से जुड़े हैं। स्थानीय लोगों ने एक समिति बनाई है और वह सामूहिक रूप से यात्रियों को ठहराने का काम करते हैं। इन परिवारों को यात्रा सीजन के तीन माह में करीब 10 लाख रुपये की आय होगी।
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