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गधोली गांव से कोसी नदी पुनर्जीवीकरण का कार्य शुरू

Sun, 08 Apr 2018 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा। 
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।  Updated Sun, 08 Apr 2018 11:07 PM IST
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The work of reviving Kosi river from Gadholi village started
कोसी नदी पुनर्जीवीकरण का कार्य - फोटो : amar ujala

कोसी नदी पुनर्जीवीकरण का कार्य रविवार से शुरू हो गया है। अभियान के प्रथम चरण की शुरुआत डीनापानी के समीप गधोली गांव से की गई है। रविवार को गधोली गांव में पेड़ लगाने के लिए दस गड्ढे खोदे गए, वहीं बरसाती पानी रिचार्ज करने को पांच खंतियां बनाई गईं।

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इस मौके पर कसारदेवी विद्या पीठ गधोली में हुई गोष्ठी में मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि कोसी पुनर्जीवीकरण अभियान को जनसहभागिता से आगे बढ़ाना होगा। यह मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। योजना के तहत गधोली गांव में आठ सौ खंतिया बनेंगी, वहीं दो हेक्टयर क्षेत्र में चौड़ी पत्ती के पौधों का रोपण किया जाएगा। इसके लिए सात सौ गड्ढे खोदे जाने का लक्ष्य है। अभियान की शुरुआत में ग्रामीणों के सहयोग से पांच खंतियां और पौध लगाने को दस गड्ढे खोदे गए। 
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इस अवसर पर हुई गोष्ठी में सीडीओ ने कहा कि कोसी कुमाऊं क्षेत्र की प्रमुख नदी है। कौसानी के निकट धारपानी धार से इसका उद्गम है। इसकी 21 सहायक नदियां हैं और 97 जलधाराएं हैं। जलागम की ऐसी ही 49 सहायक नदियां लगभग सूख चुकी हैं, जिन्हें पुनर्जीवित करने को मनरेगा के माध्यम से कार्य किया जाएगा।
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गांवों में चाल-खाल बनाने के साथ ही चौड़ी पत्ती के पौधरोपण को बढ़ावा देना होगा। मनरेगा योजना के अंतर्गत ग्रामीणों के सुझावों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। प्रत्येक माह अलग-अलग कार्यक्रम निर्धारित करने होंगे। निर्देश दिए कि ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी ग्रामीणों की बैठक बुलाकर सुझाव लें। 

एसएसजे परिसर एनआरडीएमएस के निदेशक प्रो. जेएस रावत ने बताया कि 25 वर्ष के शोध के बाद इन रिचार्ज जोन और नालों को सक्रिय करने में ग्रामीणों की सहभागिता जरूरी है। कोसी कैचमेंट एरिया को 14 रिचार्ज जोन में बांटा गया है। यह पहली गैर हिमानी नदी होगी जिसके पुनर्जीवीकरण के लिए कार्य किया जा रहा है।


जिला विकास अधिकारी मो. असलम ने कहा कि मनरेगा के कार्यों में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। इस अवसर पर क्षेत्र के नोडल अधिकारी परियोजना निदेशक नरेश कुमार, प्रधान पुष्कर राम, प्रवीण कम्र्याल, सरपंच नारायण सिंह मेहता, बीडीसी दस्य चंदन राम, महेंद्र सिंह मेहरा, माधो सिंह महरा आदि उपस्थित थे। संचालन बीडीओ हवालबाग पंकज कांडपाल ने किया। छात्र-छात्रओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए। 


इन गांवों के ग्रामीणों को भी जोड़ा गया अभियान से 
कोसी पुनर्जीवीकरण अभियान से गधोली के अलावा पिलखा, घनेली, उडियारी, घुरसों, कुटगोली, छानी, जासौड़ा आदि गांवों के लोगों भी अभियान से जोड़ा गया है।

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