जागेश्वर में तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव शुरू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा है कि जागेश्वर में योग महोत्सव ने विश्व में अलग पहचान बनाई है। जिस स्थान पर आकर भगवान शंकर ने साधना की थी उसी स्थान को आज योग साधना मुख्य केंद्र चयनित किया गया है। जागेश्वर समेत पर्वतीय क्षेत्रों में अन्य धार्मिक स्थलों को विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। श्री कुंजवाल जागेश्वर में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारंभ कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जागेश्वर को पांचवें धाम के रूप में विकसित कर पर्यटन सर्किट से जोडृना सरकार की प्राथमिकता में है।
परमार्थ निकेतन ऋषिकेश, हरिद्वार के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय योग महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर श्री कुंजवाल ने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही आध्यात्मिक पर्यटन के क्षेत्र में भी उत्तराखंड ने अलग पहचान बनाई है। प्रदेश में मेरे बुजुर्ग-मेरे तीर्थ योजना के सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं। साथ ही साहसिक पर्यटन, पैराग्लाइडिंग और ट्रैकिंग अभियान को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मंडलायुक्त डी सैंथियल पांडियन ने कहा कि योग को अपनाने से जहां आत्मिक शांति मिलती है वहीं शरीर भी स्वस्थ रहता है।
परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि जागेश्वर क्षेत्र योग महोत्सव के लिए जाना गया है। इससे शांत जगह कोई और नहीं है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि भविष्य में भी जिला प्रशासन द्वारा ऐसे कार्यक्रमों में पूरा सहयोग करेगा। केएमवीएन के प्रबंध निदेशक त्रिलोक सिंह मर्तोलिया ने महोत्सव के आयोजन के बारे में जाकनारी दी। इससे पूर्व साध्वी आभा सरस्वती ने दीप ज्योति परम ब्रह्म्मा का उच्चारण कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष प्रशांत भैसोड़ा, ब्लॉक प्रमुख पीतांबर पांडे ने भी विचार रखे। एसएसपी दिलीप सिंह कुंवर, उप निदेशक उत्तराखंड विकास परिषद विवेक चौहान, एसडीएम एनएस नगन्याल, सीओ आरएस टोलिया, जागेश्वर मंदिर कमेटी के प्रबंधक प्रकाश भटट, रामदत्त भटट, दीप सिंह डांगी, राजेंद्र बाराकोटी, हरीश बनौला, पूरन बिष्ट, मोहन सिंह सिंगवाल, उप निदेशक पर्यटन जेसी बेरी, केएमवीएन के क्षेत्रीय प्रबंधक डीके शर्मा, कीर्ति आर्या आदि मौजूद थे।
-