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कभी तैराकी के लिए प्रसिद्ध था ताड़ीखेत का तालाब फील्ड

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 25 Nov 2019 06:00 PM IST
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The ruling could not save even the natural pond
ताड़ीखेत मैदान के पास झाड़ी और सड़क वाले इसी स्थान पर था तालाब। अमर उजाला - फोटो : RANIKHET
रानीखेत(अल्मोड़ा)। ऐतिहासिक ताड़ीखेत कस्बा पूर्व में तैैराकी के लिए भी विख्यात रहा है। यहां स्थित श्रद्धानंद मैदान के समीप 20 फुट लंबे तालाब में 1970 से पूर्व तैराकी प्रतियोगिताएं होती थीं, बाद के वर्षों में भी यह तालाब पूरी तरह से अस्तित्व में था, लेकिन 2011 में ब्लाक मुख्यालय से ग्रामीण क्षेत्र को जोड़ने के लिए सड़क क्या बनी, पूरा तालाब सड़क के मलबे में दब गया और वर्तमान में यह तालाब में बड़ी-बड़ी झाड़ियों से पटा हुआ है। प्रेम विद्यालय इंटर कॉलेज की जमीन पर यह तालाब था।
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अल्मोड़ा जिले में सबसे बड़े ब्लॉक में शुमार ताड़ीखेत ऐतिहासिक कस्बा है। 1929 में यहां पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने आजादी की अलख जलाई थी। ब्लॉक मुख्यालय से 100 मीटर की दूरी पर श्रद्धानंद मैदान के पास एक प्राकृतिक तालाब था। बुजुर्ग बताते हैं कि 1970 से पहले तक यहां कई तैराकी प्रतियोगिताएं होती थीं। इस तालाब के नाम पर ही ताड़ीखेत के फील्ड को तालाब फील्ड के नाम से जाना जाता था।
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बताते हैं कि तालाब में रंग बिरंगी मछलियां भी थीं। ग्रामीण के जानवर इसी तालाब से अपनी प्यास बुझाते थे। लेकिन वर्तमान में तालाब का अस्तित्व पूरी तरह से खत्म हो गया है। 2011 में यहां से पथुली सहित तमाम गांवों के लिए सड़क का निर्माण हुआ, और मलबे से तालाब पट गया। इसकी सुध किसी ने भी नहीं ली। वर्तमान में इस स्थान पर झाड़ियां उगी हुई हैं।
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