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सेंट्रल जू अथॉरिटी को संशोधित प्रस्ताव भेजा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Tue, 20 Dec 2016 10:38 PM IST
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पर्यटकों को हमेशा से आकर्षित करने वाला मृग विहार लंबे समय से मिनी जू की राह देख रहा है। मृग विहार को मिनी जू में बदलने के लिए वन विभाग ने हाल ही में 5.40 करोड़ रुपए लागत का नया प्रस्ताव भेज दिया है। वन विभाग ने सेंट्रल जू अथॉरिटी के पास आवश्यक शुल्क भी जमा कर दिया है, लेकिन अभी इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने का इंतजार है।
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करीब 38 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले मृग विहार में मिनी जू बनाने के लिए सिविल सोयम वन प्रभाग विभाग पूर्व में प्रस्ताव भेज चुका है लेकिन सेंटर जू अथॉरिटी ने प्रस्ताव में कुछ कमियां बताकर दोबारा भेजने को कहा था। तीन माह पूर्व 29 सितंबर को विभाग ने सेंट्रल जू अथॉरिटी को मिनी जू की मान्यता के लिए दूसरा प्रस्ताव भेज दिया है। हालांकि मिनी जू का रूप देने के लिए मृग विहार में कुछ अन्य मदों से तालाब आदि का निर्माण पहले ही शुरू कर दिया गया है।
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सिविल सोयम वन प्रभाग के डीएफओ आरसी शर्मा ने बताया कि इसके लिए निर्धारित शुल्क भी जमा कर दिया गया है, लेकिन फिलहाल प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है। इस कारण मिनी जू का सपना देख रहे पर्यटक और नगरवासियों को अभी और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
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मालूम हो कि एनटीडी में स्थित मृग विहार में वर्तमान में करीब 94 जानवर हैं। जिनमें 14 सांभर, 68 चीतल, एक सफेद बंदर, आठ तेंदुए, एक भालू और दो काकड़ हैं जबकि मिनी जू में विभिन्न प्रकार के पक्षी, मोर, मगरमच्छ सहित कई आकर्षक जानवरों को रखा जाएगा। इसी हिसाब से यहां पशु पक्षियों के लिए आवास, सुंदरीकरण आदि की योजना बनाई गई है। मिनी जू तैयार होने पर बच्चों और पर्यटकों के लिए भी मृग विहार आकर्षण का केंद्र बिंदु बना रहेगा।
उधर डीएफओ सिविल सोयम अल्मोड़ा आरसी शर्मा का कहना है कि दो साल से मिनी जू के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। डेढ़ माह पहले सेंट्रल जू अथॉरिटी से टीम भी आई थी। जिसके बाद नया प्रस्ताव बनाकर सेंट्रल जू अथॉरिटी को भेज दिया गया है।