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Almora News: 10वीं शताब्दी का दुर्लभ उंटेश्वर महादेव मंदिर जल्द मूल स्वरूप में लौटेंगे
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अल्मोड़ा। लमगड़ा विकासखंड के कनरा गांव में स्थित दसवीं शताब्दी के उंटेश्वर महादेव मंदिर समूह के झुके हुए 11 मंदिरों का जल्द जीर्णोद्धार किया जाएगा। पुरातत्व विभाग ने इसके संरक्षण का कार्य शुरू कर दिया है।
यह मंदिर नागर और पीढ़ा शैली में बना है। इसे धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। कत्यूरी शासन काल में निर्मित इस प्राचीन मंदिर समूह के 11 मंदिर झुक गए थे। इससे मंदिर के अस्तित्व पर संकट आ गया था।
सिंचाई विभाग मंदिर समूह को उसके वास्तविक स्वरूप में लौटाने का प्रस्ताव सरकार को भेजेगा। पर्यटन विभाग मंदिर परिसर में सौंदर्यीकरण का कार्य करेगा। यहां पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार भी होगा। अल्मोड़ा जिले में कई सौ वर्ष पुराने ऐसे ऐतिहासिक मंदिर मौजूद हैं।
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कई दुर्लभ मूर्तियां हैं स्थापित
- पुरातत्व विभाग के मुताबिक लोगों की आस्था को केंद्र इस मंदिर समूह में शिव लिंग स्थापित हैं। मुख्य मंदिर में गणेश, सूर्य, महिषासुरमर्दिनी, उमा-महेश की सहित कई दुर्लभ मूर्तियां मंदिर में स्थापित हैं। मंदिर के साथ ही इन प्राचीन मूर्तियों को भी संरक्षित किया जाएगा।
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रोजगार के पैदा होंगे अवसर
मंदिर धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा तो मंदिर के आसपास गांवों में स्थानीय लोग के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे। लोग होम स्टे, रेस्टोरेंट, पूजा सामग्री की दुकानें लगा कर स्वरोजगार से जुड़ेंगे। वहीं स्थानीय उत्पादों की बिक्री कर भी लोगों को रोजगार मिलेगा।
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कोट
- उंटेश्वर महादेव मंदिर समूह के संरक्षण के लिए इन्हें रिसेट किया जाना है। सिंचाई विभाग इसके लिए प्रस्ताव तैयार करेगा। स्वीकृति मिलने पर पर्यटन विभाग के सहयोग से मंदिर को इसके मूल शैली में लौटाया जाएगा -डॉ. चंद्र सिंह चौहान, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी, अल्मोड़ा
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यह मंदिर नागर और पीढ़ा शैली में बना है। इसे धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। कत्यूरी शासन काल में निर्मित इस प्राचीन मंदिर समूह के 11 मंदिर झुक गए थे। इससे मंदिर के अस्तित्व पर संकट आ गया था।
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सिंचाई विभाग मंदिर समूह को उसके वास्तविक स्वरूप में लौटाने का प्रस्ताव सरकार को भेजेगा। पर्यटन विभाग मंदिर परिसर में सौंदर्यीकरण का कार्य करेगा। यहां पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार भी होगा। अल्मोड़ा जिले में कई सौ वर्ष पुराने ऐसे ऐतिहासिक मंदिर मौजूद हैं।
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कई दुर्लभ मूर्तियां हैं स्थापित
- पुरातत्व विभाग के मुताबिक लोगों की आस्था को केंद्र इस मंदिर समूह में शिव लिंग स्थापित हैं। मुख्य मंदिर में गणेश, सूर्य, महिषासुरमर्दिनी, उमा-महेश की सहित कई दुर्लभ मूर्तियां मंदिर में स्थापित हैं। मंदिर के साथ ही इन प्राचीन मूर्तियों को भी संरक्षित किया जाएगा।
रोजगार के पैदा होंगे अवसर
मंदिर धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा तो मंदिर के आसपास गांवों में स्थानीय लोग के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे। लोग होम स्टे, रेस्टोरेंट, पूजा सामग्री की दुकानें लगा कर स्वरोजगार से जुड़ेंगे। वहीं स्थानीय उत्पादों की बिक्री कर भी लोगों को रोजगार मिलेगा।
कोट
- उंटेश्वर महादेव मंदिर समूह के संरक्षण के लिए इन्हें रिसेट किया जाना है। सिंचाई विभाग इसके लिए प्रस्ताव तैयार करेगा। स्वीकृति मिलने पर पर्यटन विभाग के सहयोग से मंदिर को इसके मूल शैली में लौटाया जाएगा -डॉ. चंद्र सिंह चौहान, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी, अल्मोड़ा