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Almora News: मल्ली मिरई में पेयजल संकट पर दूसरे दिन भी धरना जारी
Tue, 26 May 2026 11:15 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 26 May 2026 11:15 PM IST
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। ग्रामसभा मल्ली मिरई के पंचायत घर में पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। जिला पंचायत सदस्य सूरज उपाध्याय के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के बीच जल संस्थान के अधिकारी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से वार्ता की लेकिन समस्या के समाधान को लेकर सहमति नहीं बन पाने से वार्ता विफल रही।
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि जब तक पेयजल समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जिला पंचायत सदस्य सूरज उपाध्याय ने कहा कि ब्लॉक का सबसे बड़ा गांव होने के बावजूद मल्ली मिरई में दो हजार से अधिक ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। हालत यह है कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को पानी के लिए एक से दो किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों और मवेशियों तक के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से क्षेत्र में पेयजल समस्या बनी हुई है, लेकिन विभाग अब तक स्थायी समाधान नहीं कर पाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने में ग्राम प्रधान कविता राणा, तारा देवी, ज्योति, कमला, राधा देवी, लीला देवी, भावना राणा, कुंदन गिरी, मोहन राम, कुंवर सिंह, महेंद्र सिंह किरोला, कैलाश सिंह, राजेंद्र सिंह, कुंदन सिंह, नंदन सिंह सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
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ख्यूशालकोट में गहराया पेयजल संकट, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
रानीखेत (अल्मोड़ा)। विकास खंड ताड़ीखेत के ख्यूशालकोट गांव में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जल जीवन मिशन योजना से पानी की एक बूंद तक नहीं मिल रही, जबकि कोसी नदी पर आधारित शेर पंपिंग पेयजल योजना भी पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में नाकाम साबित हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार लंबे समय से बनी समस्या के कारण गांव के डेढ़ सौ से अधिक परिवार परेशान हैं। लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर पेयजल का उपयोग सिंचाई कार्यों में किया जा रहा है जबकि गांव के लोग पीने के पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। स्थानीय ग्रामीण कुंदन लाल, प्रेम सिंह, उत्तम सिंह, भगवत सिंह और जोगा सिंह समेत अन्य लोगों ने शेर पंपिंग योजना से नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने और जल जीवन मिशन योजना की जांच कराने की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। संवाद
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धरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि जब तक पेयजल समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जिला पंचायत सदस्य सूरज उपाध्याय ने कहा कि ब्लॉक का सबसे बड़ा गांव होने के बावजूद मल्ली मिरई में दो हजार से अधिक ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। हालत यह है कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को पानी के लिए एक से दो किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों और मवेशियों तक के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से क्षेत्र में पेयजल समस्या बनी हुई है, लेकिन विभाग अब तक स्थायी समाधान नहीं कर पाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने में ग्राम प्रधान कविता राणा, तारा देवी, ज्योति, कमला, राधा देवी, लीला देवी, भावना राणा, कुंदन गिरी, मोहन राम, कुंवर सिंह, महेंद्र सिंह किरोला, कैलाश सिंह, राजेंद्र सिंह, कुंदन सिंह, नंदन सिंह सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
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ख्यूशालकोट में गहराया पेयजल संकट, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
रानीखेत (अल्मोड़ा)। विकास खंड ताड़ीखेत के ख्यूशालकोट गांव में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जल जीवन मिशन योजना से पानी की एक बूंद तक नहीं मिल रही, जबकि कोसी नदी पर आधारित शेर पंपिंग पेयजल योजना भी पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में नाकाम साबित हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार लंबे समय से बनी समस्या के कारण गांव के डेढ़ सौ से अधिक परिवार परेशान हैं। लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर पेयजल का उपयोग सिंचाई कार्यों में किया जा रहा है जबकि गांव के लोग पीने के पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। स्थानीय ग्रामीण कुंदन लाल, प्रेम सिंह, उत्तम सिंह, भगवत सिंह और जोगा सिंह समेत अन्य लोगों ने शेर पंपिंग योजना से नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने और जल जीवन मिशन योजना की जांच कराने की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। संवाद
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