रानीखेत (अल्मोड़ा)। अनलॉक 1.0 में लगभग पूरी बाजार खुल चुका है, लेकिन बाजार से रौनक आज भी नदारद है। वाहन नहीं चलने के कारण बहुत कम संख्या में लोग ग्रामीण क्षेत्रों से बाजार पहुंच पा रहे हैं। दरअसल वाहनों में मानक से 50 फीसदी ही यात्री बैठाने की अनुमति है। वाहन चालकों का कहना है कि ऐसे में कैसे उनका खर्च निकलेगा। भाड़ा डबल होने पर मार जनता पर ही पड़ेगी। हालांकि बहुत कम टैक्सियों का संचालन हो रहा है। रानीखेत का बाजार ग्रामीणों पर ही निर्भर है। पर्यटन नगरी में पर्यटन व्यवसाय पहले ही कोरोना की भेंट चढ़ चुका है। जिसके चलते व्यापारियों में घोर निराशा का माहौल है। इसीलिये बाजार भी शाम चार बजे तक ही खुल रहा है। हालांकि सरकार ने सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक दुकानें खोलने का समय निर्धारित किया है।
--–-::: असमंजस में हैं चालक, मालिक :: रानीखेत। कुमाऊं मंडल टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष शंकर ठाकुर ने कहा कि कम सवारी बैठाने से कैसे खर्च निकलेगा। यदि किराया बढ़ाते हैं तो विभिन्न संगठन खड़े हो जाएंगे। सरकार आधी सवारी की बात करती है, यदि सरकार आधी सवारियों पर रोडवेज की बसें चला दे तो वह लोग भी इसी आधार पर वाहन चलाएंगे। कुल मिलाकर चालक मालिक असमंजस की स्थिति में हैं।