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थामड़ प्रदेश का पहला लैंटाना मुक्त गांव बनेगा
अमर उजाला ब्यूरो, द्वाराहाट (अल्मोड़ा)।
Updated Thu, 15 Nov 2018 12:24 AM IST
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लैंटाना मुक्त उत्तराखंड अभियान का शुभारंभ करते केंद्रीय मंत्री के विशेष कार्याधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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बग्वालीपोखर क्षेत्र के थामड़, ईड़ासेेरा आदि गांवों में जल संरक्षण, जैव विविधता, प्लास्टिक मुक्त हिमालय जैसे विषयों पर नौला फाउंडेशन लंबे समय से कार्य कर रही है। गत दिनों केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी के विशेष कार्याधिकारी आनंद लाल चौधरी ने गगास घाटी पहुंच कर इन गंभीर विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विशन सिंह बनेशी ने बताया कि थामड़ गांव प्रदेश का पहला लैंटाना (कुरी) मुक्त गांव बनेगा। इसके स्थान पर अब जैविक खेती को बढ़ावा देने के प्रयास चल रहे हैं।
बग्वाली मेले में पहुंचे केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के विशेष कार्याधिकारी आनंद लाल चौधरी ने फाउंडेशन के कार्यों को सराहा। उन्होंने जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त हिमालय जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। कहा कि इस तरह के कार्यों से गगास घटी के लोगों के जीवन पर जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव कम होंगे। इसके लिए एक व्यापक नीति भी बनानी होगी। इससे पहले उन्होंने बग्वाली मेले के शुभारंभ अवसर पर दीप जलाया। फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विशन सिंह बनेशी ने बताया कि संस्था ने नई जन चेतना अभियान ‘कुरी घास मुक्त उत्तराखंड’ का शुभारंभ किया है। ऐतिहासिक बग्वाल मेले के अवसर पर कुरी मुक्त थामड़ का संकल्प भी लिया गया है। उन्होंने बताया कि कुरी घास के स्थान पर अब जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
क्षेत्र से पलायन पर रोक लगाने के लिए फाउंडेशन थामड़ गांव को पूरे विश्व पटल पर एक आर्गेनिक मॉडल विलेज के रूप में विकसित करेगा। बताया कि गणेश कठायत और भूपिंदर बिष्ट की रिवर्स माइग्रेशन जैसी पहल पर कई प्रवासी थामड़ गांव आकर जैविक खेती करना चाहते हैं। संस्था के खीम सिंह कठायत, मनोहर भंडारी, किशन कठायत, नारायण, पंकज अवस्थी, गगन प्रकाश सिंह, त्रिभुवन बिष्ट आदि ने भी विचार रखे। इस दौरान जय मां काली नौला महिला मंगल दल और नौला मित्रों ने भी कुरी मुक्त गांव का संकल्प लिया।
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बग्वाली मेले में पहुंचे केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के विशेष कार्याधिकारी आनंद लाल चौधरी ने फाउंडेशन के कार्यों को सराहा। उन्होंने जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त हिमालय जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। कहा कि इस तरह के कार्यों से गगास घटी के लोगों के जीवन पर जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव कम होंगे। इसके लिए एक व्यापक नीति भी बनानी होगी। इससे पहले उन्होंने बग्वाली मेले के शुभारंभ अवसर पर दीप जलाया। फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विशन सिंह बनेशी ने बताया कि संस्था ने नई जन चेतना अभियान ‘कुरी घास मुक्त उत्तराखंड’ का शुभारंभ किया है। ऐतिहासिक बग्वाल मेले के अवसर पर कुरी मुक्त थामड़ का संकल्प भी लिया गया है। उन्होंने बताया कि कुरी घास के स्थान पर अब जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
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क्षेत्र से पलायन पर रोक लगाने के लिए फाउंडेशन थामड़ गांव को पूरे विश्व पटल पर एक आर्गेनिक मॉडल विलेज के रूप में विकसित करेगा। बताया कि गणेश कठायत और भूपिंदर बिष्ट की रिवर्स माइग्रेशन जैसी पहल पर कई प्रवासी थामड़ गांव आकर जैविक खेती करना चाहते हैं। संस्था के खीम सिंह कठायत, मनोहर भंडारी, किशन कठायत, नारायण, पंकज अवस्थी, गगन प्रकाश सिंह, त्रिभुवन बिष्ट आदि ने भी विचार रखे। इस दौरान जय मां काली नौला महिला मंगल दल और नौला मित्रों ने भी कुरी मुक्त गांव का संकल्प लिया।
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