फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   The emerging footballer Lalit forced to play on behalf of Goa

उदीयमान फुटबालर ललित गोवा की ओर से खेलने को मजबूर

Tue, 21 Nov 2017 10:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  अल्मोड़ा।
अमर उजाला ब्यूरो  अल्मोड़ा। Updated Tue, 21 Nov 2017 10:19 PM IST
विज्ञापन
The emerging footballer Lalit forced to play on behalf of Goa
अल्मोड़ा में पत्रकारों से वार्ता करते तुला सिंह तड़ियाल। - फोटो : अमर उजाला

नेपाल के काठमांडू में 2015 में हुए साउथ एशियन फुटबाल फेडरेशन चैंपियनशिप (सैफ) खेल में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल उदीयमान फुटबालर ललित तड़ियाल प्रदेश सरकार की उपेक्षा के कारण उत्तराखंड छोड़कर गोवा के सलगांवकर क्लब से खेलने को मजबूर हुए हैं। जिले के भिकियासैंण द्यौना निवासी फुटबालर ललित तड़ियाल के पिता तुला सिंह तड़ियाल ने यहां पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि एक तरफ प्रदेश सरकार खेल महाकुंभ का आयोजन कर खेलों को बढ़ावा देने की बात कह रही है जबकि हकीकत यह है कि फुटबाल समेत अन्य खेलों के तमाम खिलाड़ी सरकार की उपेक्षा के चलते पलायन कर दूसरे प्रदेशों की ओर से खेलने को विवश हैं। 

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि द्यौना गांव से फुटबाल की शुरुआत करने वाले ललित ने राष्ट्रीय खेलों में एक दर्जन से अधिक बार उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज में पढ़ाई के दौरान उन्होंने स्कूल गेम्स ऑफ इंडिया की अंडर-17 टीम में अपनी जगह बनाई। पुणे में ऑल इंडिया फुटबाल फेडरेशन द्वारा आयोजित फुटबाल प्रतियोगिता में एशियन चैंपियनशिप ट्राफी टीम के ट्रायल के लिए चुना गया। 20 अगस्त 2015 में नेपाल के काठमांडू में हुई साउथ एशियन फुटबाल फेडरेशन चैंपियनशिप (सैफ) में हिस्सा लिया और टीम ने रजत पदक जीता। 27 दिसंबर 2016 में हिमाचल के सुंदरनगर में हुई प्रतिष्ठित संतोष ट्राफी में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया। विगत वर्ष उत्तराखंड में पहली बार आयोजित उत्तराखंड सुपर लीग में मोनाल क्लब रुद्रप्रयाग की टीम और स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की टीम की ओर से खेला। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की खेल नीति के तहत सैफ खेल में रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ी को तीन लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ललित ने पुरस्कार के लिए दो साल लगातार आवेदन किया, लेकिन उन्हें पुरस्कार से वंचित रखा गया। उन्होंने कहा कि सरकार की उपेक्षा के कारण उत्तराखंड का उदीयमान फुटबालर ललित सलगांवकर क्लब गोवा से खेलने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने फुटबाल को राज्य खेल घोषित किया है, लेकिन आज राज्य में फुटबाल खिलाड़ियों की उपेक्षा की जा रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed