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‘गैरसैंण को राजधानी नहीं गेस्ट हाउस बना दिया’
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Wed, 16 Nov 2016 10:34 PM IST
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नेता प्रतिपक्ष और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार गैरसैंण में राजधानी नहीं अतिथि विश्राम गृह बना रही है। इसका खुलासा उनके हाथ लगे परिसंपत्ति विभाग के शासनादेश से हो गया है। उक्त शासनादेश की प्रति दिखाते हुए उन्होंने कहा कि राजधानी के नाम पर जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा गैरसैंण सत्र में इस बार राजधानी को लेकर फैसला हो जाना चाहिए। भाजपा स्थायी अथवा अस्थायी राजधानी दोनों तरह की घोषणा पर सहमत है, लेकिन कुछ हो तो सही।
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श्री भट्ट ने यहां डाक बंगले में पत्रकार वार्ता में यह बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि गैरसैंण सत्र को कांग्रेस ने राजनीतिक सत्र बना दिया है। उन्होंने कहा कि परिसंपत्ति विभाग सीएम हरीश रावत के पास है। संबंधित विभाग द्वारा जारी शासनादेश में स्पष्ट कहा गया है कि गैरसैंण के भराड़ीसैंण में बने विधायक निवास आदि को सत्र की शेष अवधि में विश्राम गृह के रूप में उपयोग में लाया जाए। इसके लिए किराया निर्धारित करने की बात भी कही गई है। कहा कि इस गोपनीय शासनादेश से सरकार की पोल खुल चुकी है। इसी मुद्दे को लेकर वह विधानसभा में सवाल उठाएंगे।
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उन्होंने कहा कि देहरादून के रायपुर में भी विधानसभा के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह सब कैसा मजाक है, एक प्रदेश में तीन विधानसभा भवनों का क्या तुक है। कहा कि गैरसैंण में सिर्फ गैरसैंण की बात होनी चाहिए। भाजपा गैरसैंण के नाम पर सरकार के समर्थन को तैयार है। बशर्ते सरकार इस मामले मे नौटंकी बंद करके गंभीरता दिखाए। इस अवसर पर विधायक सुरेंद्र जीना,चंदन राम दास और पूरन फर्त्याल के अलावा बिंदेश्वरी पांडे, पूरन संगेला, गणेश कांडपाल, सदानंद पांडे, गणेश नायक, राजेश चौधरी, नवीन जोशी आदि मौजूद थे।
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