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धोखाधड़ी और गबन के आरोपी को नहीं मिली अग्रिम जमानत
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अल्मोड़ा। सत्र न्यायाधीश मलिक मजहर सुल्तान की अदालत ने चार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि के धोखाधड़ी और गबन के आरोपी अनंत निधि क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के चेयरमैन नितेश श्रीवास्तव निवासी दीपक गैलेक्सी सहारा प्रेस जहांगीरपुरम लखनऊ (उप्र) के अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र को खारिज कर दिया है।
सोसायटी के धौलछीना शाखा प्रबंधक कुंदन सिंह ने राजस्व उप निरीक्षक पल्यूं के पास दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा था कि सोसायटी के चेयरमैन नितेश श्रीवास्तव ने धौलछीना में अक्तूबर 2014 में शाखा खोली। स्थानीय लोगों को अधिक ब्याज का प्रलोभन देकर निवेश करवाया। कुल 481 आरडी, एफडी और दैनिक खाते खुलवाए गए। निवेशकों की 1.30 करोड़ की धनराशि एसबीआई लखनऊ शाखा में जमा करवाई गई। परिपक्वता की अवधि पूर्ण होने पर चेयरमैन ने भुगतान में टालमटोल शुरू कर दिया। लोगों को भुगतान किए बिना उसने इस राशि को अपने खाते में जमा करवा दिया।
अल्मोड़ा के माल गांव निवासी दीपक सिंह अधिकारी ने भी चेयरमैन के खिलाफ अल्मोड़ा कोतवाली में धारा 420, 406 में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि चेयरमैन ने जिले में वर्ष 2013-14 में विभिन्न स्थानों पर शाखाएं खोलीं। लखनऊ आमबाग में पीएनबी, एसबीआई, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा में सोसायटी के नौ खाते खोले गए थे। इनमें अल्मोड़ा के निवेशकों के 83 लाख, रानीखेत से 53 लाख, सोमेश्वर से 78 लाख, भिकियासैंण से 43 लाख, चौखुटिया से 16 लाख समेत कुल 2.73 करोड़ रुपये जमा करवाए गए लेकिन निवेशकों को उनका पैसा नहीं लौटाया। आरोपी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थनापत्र पेश किया था। शुक्रवार को न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) पूरन सिंह कैड़ा ने आरोपी को अग्रिम जमानत देने का कड़ा विरोध किया। न्यायालय ने पत्रावलियों को देखने के बाद आरोपी के जमानत प्रार्थनापत्र को खारिज कर दिया।
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सोसायटी के धौलछीना शाखा प्रबंधक कुंदन सिंह ने राजस्व उप निरीक्षक पल्यूं के पास दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा था कि सोसायटी के चेयरमैन नितेश श्रीवास्तव ने धौलछीना में अक्तूबर 2014 में शाखा खोली। स्थानीय लोगों को अधिक ब्याज का प्रलोभन देकर निवेश करवाया। कुल 481 आरडी, एफडी और दैनिक खाते खुलवाए गए। निवेशकों की 1.30 करोड़ की धनराशि एसबीआई लखनऊ शाखा में जमा करवाई गई। परिपक्वता की अवधि पूर्ण होने पर चेयरमैन ने भुगतान में टालमटोल शुरू कर दिया। लोगों को भुगतान किए बिना उसने इस राशि को अपने खाते में जमा करवा दिया।
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अल्मोड़ा के माल गांव निवासी दीपक सिंह अधिकारी ने भी चेयरमैन के खिलाफ अल्मोड़ा कोतवाली में धारा 420, 406 में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि चेयरमैन ने जिले में वर्ष 2013-14 में विभिन्न स्थानों पर शाखाएं खोलीं। लखनऊ आमबाग में पीएनबी, एसबीआई, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा में सोसायटी के नौ खाते खोले गए थे। इनमें अल्मोड़ा के निवेशकों के 83 लाख, रानीखेत से 53 लाख, सोमेश्वर से 78 लाख, भिकियासैंण से 43 लाख, चौखुटिया से 16 लाख समेत कुल 2.73 करोड़ रुपये जमा करवाए गए लेकिन निवेशकों को उनका पैसा नहीं लौटाया। आरोपी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थनापत्र पेश किया था। शुक्रवार को न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) पूरन सिंह कैड़ा ने आरोपी को अग्रिम जमानत देने का कड़ा विरोध किया। न्यायालय ने पत्रावलियों को देखने के बाद आरोपी के जमानत प्रार्थनापत्र को खारिज कर दिया।
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